अब केस दर्ज कराने के लिए थाने के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, अमित शाह इस तारीख को उत्तराखंड में करेंगे 'ई-जीरो FIR' का शुभारंभ
अमित शाह के हरिद्वार दौरे पर एक बड़ा जन संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा. वहां एक विशाल पंडाल लगाया जाएगा, जिसमें नए आपराधिक कानूनों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी होगी. इस प्रदर्शनी में फॉरेंसिक जांच की नई तकनीकों, साइबर अपराध नियंत्रण, जेल प्रशासन, कोर्ट और अभियोजन से जुड़ी जानकारी दी जाएगी.
उत्तराखंड: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात मार्च को उत्तराखंड के हरिद्वार में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होंगे. इस दौरान वे राज्य में 'ई-जीरो एफआईआर' व्यवस्था का शुभारंभ करेंगे. इस नई सुविधा से अब लोगों को अपराध की शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने जाने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा. वे घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से अपनी एफआईआर दर्ज करा सकेंगे. ई-जीरो एफआईआर एक आधुनिक पुलिस व्यवस्था है, जो जीरो एफआईआर के डिजिटल रूप पर आधारित है.
अमित शाह उत्तराखंड में करेंगे 'ई-जीरो FIR' का शुभारंभ
जीरो एफआईआर में पीड़ित व्यक्ति किसी भी थाने में शिकायत दर्ज करा सकता है, भले ही अपराध उस थाने के क्षेत्र में हुआ हो या नहीं. पुलिस बाद में इसे संबंधित थाने में ट्रांसफर कर देती है. ई-जीरो एफआईआर में यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो जाती है, जिससे पीड़ित को थाने नहीं जाना पड़ता. शिकायत दर्ज होने के तीन दिनों के अंदर पीड़ित को संबंधित थाने जाकर हस्ताक्षर करने होते हैं, ताकि इसे नियमित एफआईआर में बदला जा सके.
देश का तीसरा ऐसा राज्य बन जाएगा उत्तराखंड
उत्तराखंड में इस व्यवस्था के शुरू होने से राज्य देश का तीसरा ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां ई-जीरो एफआईआर लागू होगी. इससे पहले दिल्ली और मध्य प्रदेश में यह सुविधा उपलब्ध है. विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह बहुत बड़ी राहत साबित होगी. अब किसी भी अपराध जैसे चोरी, धोखाधड़ी या अन्य संज्ञेय अपराध में तुरंत शिकायत दर्ज हो सकेगी, बिना क्षेत्राधिकार की चिंता किए.
केस दर्ज कराने के लिए थाने के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
अमित शाह के हरिद्वार दौरे पर एक बड़ा जन संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा. वहां एक विशाल पंडाल लगाया जाएगा, जिसमें नए आपराधिक कानूनों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी होगी. इस प्रदर्शनी में फॉरेंसिक जांच की नई तकनीकों, साइबर अपराध नियंत्रण, जेल प्रशासन, कोर्ट और अभियोजन से जुड़ी जानकारी दी जाएगी. उत्तराखंड पुलिस के आधुनिकीकरण से संबंधित कई स्टॉल भी लगेंगे, जहां पुलिस के भविष्य के बड़े प्रोजेक्ट्स की रूपरेखा पेश की जाएगी.
गृह मंत्री खुद इन स्टॉलों और प्रदर्शनी का निरीक्षण करेंगे. पुलिस और प्रशासन ने इस कार्यक्रम के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. यह आयोजन न केवल ई-जीरो एफआईआर की शुरुआत का अवसर होगा, बल्कि पुलिस की नई कार्यप्रणाली और जनता के साथ जुड़ाव को मजबूत करने का भी माध्यम बनेगा. ई-जीरो एफआईआर से अपराधियों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी. पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलने की संभावना बढ़ेगी. उत्तराखंड सरकार और केंद्र की यह पहल डिजिटल इंडिया के लक्ष्यों के अनुरूप है, जो आम आदमी की पुलिस व्यवस्था को आसान और पारदर्शी बनाएगी.