8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हल्द्वानी का रामलीला मैदान विवादों में है. मैदान में हवन और गंगाजल से शुद्धीकरण किए जाने पर कांग्रेस ने इसे दलित समाज का अपमान बताया. मुख्यमंत्री धामी ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस से इसके आधार और सबूत पूछे हैं.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांग्रेस की सभा के दौरान रामलीला मैदान में ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाए गए और बाद में कुछ संगठनों ने सफाई व शुद्धीकरण किया. उन्होंने सवाल किया कि रामलीला के मंच से ऐसे नारे लगाए गए तो कांग्रेस नेताओं ने इसका विरोध क्यों नहीं किया. धामी ने कहा कि धार्मिक नारे धार्मिक स्थलों पर लगाए जाने चाहिए और रामलीला के मंच को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है.
कांग्रेस ने शुद्धीकरण को खड़गे और अनुसूचित जाति समाज के अपमान से जोड़ा है. धामी ने पूछा कि क्या कांग्रेस के पास कोई ऐसा प्रमाण है कि शुद्धीकरण किसी व्यक्ति की जाति को लेकर किया गया था. इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं. कांग्रेस ने राज्यपाल से जांच की मांग की है और 1 सितंबर को सचिवालय घेराव का ऐलान किया है.
धामी ने कहा कि कांग्रेस को सरकार के कई फैसलों से परेशानी है. उन्होंने नौकरी, समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, मदरसा बोर्ड और अतिक्रमण हटाने जैसे मुद्दों का जिक्र किया. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि संस्कृति से जुड़े मामलों में कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति करती है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ‘देवभूमि के देवत्व’ को बचाने के लिए काम कर रही है.