Delhi-Dehradun Expressway Advisory: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए उत्तराखंड परिवहन विभाग ने जरूरी एडवाइजरी जारी की है. बीते शुक्रवार शाम सहारनपुर के पास हुए भीषण हादसे में हरियाणा के एक परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई. इसमें 9 साल के मासूम शिवांस भी शामिल था.
इस घटना के बाद विभाग ने यात्रियों को सतर्क रहने की अपील की है. उत्तराखंड के उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर सफर शुरू करने से पहले ही एंट्री और एग्जिट पॉइंट का प्लान बना लें. अचानक रास्ता बदलने या बीच में रुकने से बड़े हादसे हो सकते हैं.
बीच रास्ते में गाड़ी न रोकें
एक्सप्रेसवे पर बीच में गाड़ी रोकना
यू-टर्न लेना, रिवर्स चलना या गलत दिशा में ड्राइव करना पूरी तरह प्रतिबंधित है. अगर जरूरत पड़े तो तय एग्जिट पॉइंट का ही इस्तेमाल करें.
वन्यजीव क्षेत्र में सावधानी बरतें: राजाजी नेशनल पार्क के पास अनावश्यक हॉर्न न बजाएं. खासकर रात के समय वन्यजीवों के आने-जाने का खतरा रहता है. लाइट्स का सही इस्तेमाल करें और सतर्क रहें.
ढाल और टनल में सावधानी: दून में प्रवेश करते समय आशारोड़ी के पास तीव्र ढाल है. वहां स्पीड कम रखें. डाटकाली मंदिर के पास टनल में वाहन की लाइट जरूर ऑन करें और बहुत सावधानी से ड्राइव करें.
गाड़ी की चेकिंग जरूर करें: अभी एक्सप्रेसवे पर पेट्रोल पंप और गैराज की सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हुई हैं. इसलिए सफर से पहले गाड़ी की सर्विसिंग, टायर की स्थिति और पर्याप्त ईंधन की जांच अवश्य कर लें.
टायर प्रेशर का ध्यान रखें: सही हवा भरने से गाड़ी का कंट्रोल बेहतर रहता है. लंबी दूरी की यात्रा से पहले टायरों में मानक के अनुसार हवा भरें. कम या ज्यादा प्रेशर दोनों खतरनाक हो सकते हैं.
एक्सप्रेसवे पर कारों की अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है. नियम तोड़ने पर कैमरों से ऑटोमैटिक चालान कट रहा है. परिवहन विभाग का कहना है कि ज्यादातर हादसे ओवरस्पीड, गलत लेन और लापरवाही से होते हैं. इसलिए ड्राइवर को पूरी तरह तरोताजा और फोकस्ड रहना चाहिए.