उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी और विकास संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दे सकती है. जानकारी के अनुसार बैठक में 21 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा होगी, जिनका सीधा लाभ लाखों सरकारी कर्मचारियों, होमगार्डों, शिक्षकों, स्टार्टअप उद्यमियों और आम नागरिकों को मिलने की संभावना है.
आज के बैठक में सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रदेश के होमगार्डों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ा है. इसके अलावा नई स्टार्टअप नीति, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए व्यापक बीमा सुरक्षा, विश्वविद्यालयों की स्थापना तथा विभिन्न प्रशासनिक प्रस्ताव भी कैबिनेट के एजेंडे में शामिल हैं.
सरकार यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो प्रदेश के 1.60 लाख से अधिक होमगार्डों और उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी. इस निर्णय से बड़ी संख्या में सुरक्षा व्यवस्था में लगे कर्मियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है. कैबिनेट के समक्ष प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति भी रखी जाएगी. सरकार का उद्देश्य नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है. प्रस्तावित नीति के तहत नए स्टार्टअप को वित्तीय सहायता, सब्सिडी और विभिन्न प्रकार की रियायतें दिए जाने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे युवाओं को रोजगार सृजन के नए अवसर मिल सकें.
देश के लगभग 10 लाख स्थायी एवं संविदा शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया तथा अन्य कर्मचारियों को दुर्घटना और जीवन बीमा का लाभ मिल सकता है. प्रस्ताव के अनुसार स्थायी कर्मचारियों को एक करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, एक करोड़ रुपये तक स्थायी दिव्यांगता बीमा और 1.60 करोड़ रुपये तक एयर एक्सीडेंट बीमा कवर प्रदान किया जाएगा. इसके अलावा पात्र कर्मचारियों को ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस का लाभ भी मिलेगा. बीमा योजना में केवल कर्मचारियों तक ही लाभ सीमित नहीं रहेगा. किसी अप्रिय घटना की स्थिति में उनके बच्चों की शिक्षा तथा बेटियों के विवाह के लिए भी विशेष एडऑन कवर का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है.
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा. इसके अलावा शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने, प्रदेश के तीन जिलों में नए विश्वविद्यालय स्थापित करने तथा मदरसा शिक्षा परिषद के अनुदानित अरबी-फारसी मदरसों के शिक्षकों को असामयिक मृत्यु की स्थिति में ग्रेच्युटी भुगतान संबंधी प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा.