वाराणसी: वाराणसी के जिला जज कोर्ट में शुक्रवार को एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जिसने कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों को चौंका दिया. एक महिला अचानक जिला जज के कोर्ट रूम में पहुंची और जज की कुर्सी पर बैठकर खुद को जज घोषित कर दिया. इसके बाद उसने अदालत की कार्यवाही चलाने की कोशिश की और बार-बार ऑर्डर-ऑर्डर कहकर वकीलों से गवाह और सबूत पेश करने को कहने लगी.
जानकारी के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब जिला जज अवकाश पर थे. इसी दौरान अधेड़ उम्र की एक महिला बिना अनुमति कोर्ट कक्ष में पहुंच गई और सीधे जज की कुर्सी पर बैठ गई. महिला ने दावा किया कि आज वह सभी मामलों की सुनवाई करेंगी. कोर्ट में मौजूद कर्मचारी, वकील और अन्य लोग पहले तो उसकी हरकत देखकर हैरान रह गए, लेकिन बाद में उसे समझाने की कोशिश की गई.
वाराणसी में शुक्रवार सुबह 9 बजे जिला जज की कुर्सी पर एक महिला बैठ गई। कुर्सी पर बैठते ही हैमर पटकते हुए चिल्लाई- ऑर्डर-ऑर्डर। वकीलों से कहा- आज मैं जिला जज हूं। गवाह और सबूत पेश करिए। आज सारे मामले की सुनवाई मैं करूंगी। जो भी काम हो हमको बताया जाए।
— आदित्य तिवारी / Aditya Tiwari (@aditytiwarilive) June 12, 2026
इसके बाद फाइलें उठाकर उनको… pic.twitter.com/p30HxIi7lO
महिला ने किसी की बात नहीं मानी और लगातार अदालत जैसी कार्यवाही करने का प्रयास करती रही. बताया गया कि उसने कोर्ट कक्ष में रखी कुछ फाइलें भी उठाईं और सुनवाई शुरू करने जैसी गतिविधियां करने लगी. इस दौरान कुछ वकीलों ने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, जिससे महिला नाराज हो गई.
महिला की पहचान वाराणसी के शिवपुर क्षेत्र की रहने वाली 50 वर्षीय वंदना गुप्ता के रूप में हुई है. वहां मौजूद लोगों के अनुसार करीब एक घंटे तक कोर्ट कक्ष में यह स्थिति बनी रही. जब समझाने के सभी प्रयास विफल हो गए, तब पुलिस को सूचना दी गई.
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद महिला को जज की कुर्सी से हटाया. इसके बाद उसे हिरासत में लेकर कैंट थाने ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ की गई. घटना के कारण कोर्ट परिसर में कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया.
मामले की जानकारी मिलने पर अपर जिला जज युजवेंद्र विक्रम सिंह भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने सुरक्षा कर्मियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा. इस घटना के बाद अदालत की सुरक्षा व्यवस्था और न्यायालय की मर्यादा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.
बताया जा रहा है कि वंदना गुप्ता का फैमिली कोर्ट में एक मामला लंबे समय से चल रहा है. वह वर्ष 2012 में अपने पति से अलग हो चुकी हैं. बाद में उन्होंने दूसरी शादी भी की थी, लेकिन वह संबंध भी ज्यादा समय तक नहीं चल पाया. परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, माता-पिता के निधन के बाद वह मानसिक तनाव से गुजर रही हैं और पहले भी कोर्ट परिसर में असामान्य व्यवहार कर चुकी हैं.