Raja Bhaiya Father House Arrest: यूपी के बाहुबली विधायक राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह को एक बार फिर हाउस अरेस्ट किया गया है. हर साल की तरह इस बार भी राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह को पुलिस ने उनको अपने ही घर में नजरबंद कर दिया है. मुहर्रम के त्यौहार को सकुशल संपन्न करवाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने तीन दिनों के लिए भदरी महल में राजा भैया के पिता को हाउस अरेस्ट किया है.
दरअसल उदय प्रताप सिंह मुहर्रम के दसवें के दिन कुंडा के प्रयागराज-लखनऊ हाईवे के शेषपुर गांव में सड़क जाम करने की कोशिश करते रहे हैं. इस वजह से प्रशासन को भारी पुलिस बल लगाकर मोहर्रम का जुलूस निकलवाना पड़ता है. कानून व्यवस्था ना बिगड़े, इसके लिए एहतियात के तौर पर उदय प्रताप सिंह को नजरबंद किया जाता है.
यह घटना साल 2012 की है जब शेखपुर गांव में सड़क किनारे एक बंदर की मौत हो गई थी. बताया जाता है कि बंदर को गोली मार दी गई थी. इसके बाद से वहां पर ग्रामीणों ने एक हनुमान मंदिर बनवा दिया था. उस जगह पर हनुमान पाठ और भंडारे का आयोजन होने लगा था. इन कार्यक्रम का आयोजन राजा उदय प्रताप सिंह करवाया करते थे. खास बात यह है कि यह भंडारा मोहर्रम के दिन ही करवाया जाता है. शुरुआत के दो साल भंडारा और मोहर्रम दोनों का जुलूस साथ-साथ निकला लेकिन साल 2015 में मोहर्रम के मौके पर मुस्लिम समुदाय ने मंदिर पर भंडारे और झंडे का विरोध किया और अपनी ताजिया नहीं उठाई. मामला बढ़ गया और प्रशासन तक पहुंच गया. इस घटना के बाद से हर साल राजा भैया के पिता को हाउस अरेस्ट कर दिया जाता है. कई बार राजा भैया के पिता मुहर्रम जैसे संवेदनशील मौकों पर हाउस अरेस्ट हुए हैं. क्योंकि वो विरोध करते हैं. जिससे दंगा होने की संभावना बढ़ जाती है.
बता दें किराजा भैया उर्फ रघुराज प्रताप सिंह और उनके पिता के बीच विरोधाभास जैसी चीजें भी सामने आ चुकी है. पिछले साल अक्टूबर में राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच विवाद मामले पर भी उदय प्रताप सिंह ने बयान दिया था. भानवी सिंह से विवाद के बीच उदय प्रताप के हवाले से खबर आई थी कि उन्होंने अपने ही बेटे राजा भैया क पर तंज करते हुए कहा, 'रघुराज भदरी अपने आदर्श...मुलायम से कम नहीं है'. इसके बाद लोगों इस बयान पर तरह-तरह के मायने निकाले थे. इस बयान में उदय सिंह ने दिवंगत नेता मुलायम सिंह यादव को राजा भैया का आदर्श बताते हुए लिखा था.
हालांकि कुछ लोगों ने उदय प्रताप सिंह के ट्वीट मतलब राजा भैया के उस फैसले से जोड़कर देखा गया, जिसमें उन्होंने दिल्ली के साकेत फैमिली कोर्ट में अपनी पत्नी भानवी सिंह को तलाक की अर्जी डाल रखी थी. बताया गया कि राजा भैया के इस फैसले से उनके पिता उदय प्रताप नाखुश थे और भदरी राजघराने में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था.
मालूम हो कि साल 1995 में राजा भैया और भानवी सिंह शादी के बंधन में बंधे थे दोनों के 4 बच्चे हैं. पति पत्नी के बीच का यह विवाद तब सामने आया था जब राजा भैया के कजिन अक्षय प्रताप सिंह पर भानवी सिंह ने गंभीर आरोप लगाए थे. भानवी ने कहा था कि अक्षय उनकी कंपनी में गलत इरादे से काम कर रहे हैं. वो कंपनी की चल-अचल संपत्ति पर अपना अधिकार जमा कर उन्हें बेचना चाह रहे हैं. भानवी ने अक्षय के खिलाफ दिल्ली की अपराध शाखा में केस दर्ज करवाया था. रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया राजनीति के अलावा दबंगई को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं.