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Hathras Stampede: कौन हैं हाथरस में सत्संग का आयोजन कराने वाले चेहरे? भगदड़ ने उजाड़ दिए कई परिवार 

Hathras Stampede: हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 60 पहुंच चुकी है. प्रशासन की ओर से कई टीमें हाथरस भेजी गई हैं. यूपी के मुख्य सचिव और डीजीपी भी पहुंच रहे हैं. मृतकों के परिवार वाले रो-रो कर गला सूख गया है. इस हादसे के बाद सत्संग आयोजन पर भी सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर इस सत्संग का आयोजन किसने कराया था.

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Hathras Stampede: कौन हैं हाथरस में सत्संग का आयोजन कराने वाले चेहरे? भगदड़ ने उजाड़ दिए कई परिवार 
Courtesy: Social Media

Hathras Stampede: उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ में आधिकारिक रूप से अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है. आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. सत्संग का आयोजन हाथरस के फुलरई गांव में हुआ था. इस सत्संग में  स्वयंभू संत भोले बाबा (नारायण साकार हरि) बाबा प्रवचन दे रहे थे. एक सवाल ये भी है कि सत्संग का आयोजन किसने करवाया था? आइए जानते हैं कि किन लोगों ने इस सत्संग का आयोजन कराया था.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हाथरस में हुए इस सत्संग का आयोजन मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम समिति की ओर से की गया था.

ये हैं वो चेहरे जिन्होंने कराया था इस सत्संग का आयोजन

हाथरस में आयोजित हुए इस सत्संग को कराने वाली मंगल मिलन सद्भावना समागम समिति के सदस्यों में मुख्य सदस्य पांच है. इनका नाम महेश चंद्र, अनार सिंह, संजू यादव, चंद्रदेव और रामप्रकाश है. ये पांच लोग इस मुख्य रूप से इस समिति को चलाते हैं.

इन्हीं चेहरों ने हाथरस में इस सत्संग का आयोजन कराया था. इस सत्संग के आयोजन को लेकर आसपास के इलाकों में पोस्टर भी लगाए गए थे. इन पोस्टर्स में आयोजकों की जानकारी थी. नारायण साकार हरि बाबा के इस सत्संग में शामिल होने के लिए कई भक्त सत्संग के आयोजन होने ने कुछ दिन पहले ही पहुंच गए थे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को यहां सत्संग का आयोजन होता है.

कैसे हुआ हादसा?

इस सत्संग में शामिल होने आए एक अनुयायी ने बताया कि जब सत्संग खत्म हो गई. बाबा जी जाने लगे तो उनके दर्शन के लिए कुछ अनुयायी दौड़े. लेकिन उन्हें सेवादारों ने रोक दिया. इसके बावजूद कुछ अनुयायी बाबा के करीब पहुंचने की कोशिश की. इसी दौरान भगदड़ मच गई.