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योग दिवस को जनआंदोलन बनाने की तैयारी, यूपी की 58 हजार ग्राम पंचायतों और 762 निकायों में होंगे कार्यक्रम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को प्रदेशव्यापी जनभागीदारी अभियान के रूप में आयोजित करने के निर्देश दिए हैं. 21 जून को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

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Edited By: Shanu Sharma
योग दिवस को जनआंदोलन बनाने की तैयारी, यूपी की 58 हजार ग्राम पंचायतों और 762 निकायों में होंगे कार्यक्रम
Courtesy: ANI

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को केवल एक औपचारिक आयोजन तक सीमित रखने के बजाय जनआंदोलन के रूप में स्थापित करने की दिशा में व्यापक तैयारी कर रही है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 21 जून को पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिनमें आम जनता की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो. सरकार का उद्देश्य योग को स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बनाते हुए समाज के हर वर्ग तक इसका संदेश पहुंचाना है.

58 हजार ग्राम पंचायतों में आोयजन

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश की सभी 58 हजार ग्राम पंचायतों और 762 नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. प्रत्येक आयोजन में जनप्रतिनिधियों अथवा शासन के प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि कार्यक्रमों का प्रभाव अधिक व्यापक हो और लोगों में योग के प्रति जागरूकता बढ़े.

योग थीम पर होगा आयोजन

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन स्वस्थ आयु के लिए योग विषय पर केंद्रित रहेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार है. इसलिए कार्यक्रमों को इस तरह तैयार किया जाए कि विभिन्न आयु वर्ग के लोग योग के महत्व को समझ सकें और इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना सकें. प्रदेश सरकार का प्रयास है कि योग दिवस के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए और लोगों को रोगमुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए. इसके लिए विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक जनसंपर्क अभियान भी चलाया जाएगा.

ऐतिहासिक स्थलों पर होगा सामूहिक योगाभ्यास

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि योग दिवस के कार्यक्रमों के लिए ऐसे स्थलों को प्राथमिकता दी जाए, जिनका ऐतिहासिक, सांस्कृतिक या सामाजिक महत्व हो. अमृत सरोवरों, प्रमुख पर्यटन स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों पर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. सरकार का मानना है कि ऐसे स्थानों पर आयोजित कार्यक्रम न केवल योग के प्रचार-प्रसार में मदद करेंगे, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान देंगे. इससे स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ने की भी संभावना है. प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में भी योग दिवस को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने 14 हजार वार्डों में कार्यक्रम स्थलों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए हैं.