'हाथ, पैर और पेट पर लिखी अत्याचार की खौफनाक कहानी', दहेज को लेकर मारपीट से परेशान महिला ने किया सुसाइड
उत्तर प्रदेश के बागपत में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां दहेज उत्पीड़न से तंग आकर एक 28 वर्षीय महिला ने आत्महत्या कर ली. मनीषा नाम की इस महिला ने मंगलवार रात जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली.
Woman Suicide Note On Hand: उत्तर प्रदेश के बागपत में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां दहेज उत्पीड़न से तंग आकर एक 28 वर्षीय महिला ने आत्महत्या कर ली. मनीषा नाम की इस महिला ने मंगलवार रात जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. चौंकाने वाली बात यह है कि उसने अपनी मौत का राज अपने ही शरीर पर लिख दिया था.
मनीषा ने अपने हाथ, पैर और पेट पर पेन से एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उसने अपने पति कुंदन और उसके परिवार द्वारा किए जा रहे अत्याचारों का दर्द बयां किया. उसने साफ-साफ लिखा, 'मेरी मौत के जिम्मेदार कुंदन और उसका परिवार है'
दहला देने वाला वीडियो आया सामने
पुलिस को मनीषा का एक वीडियो भी मिला है, जिसमें वह रोते हुए अपने ससुराल वालों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहरा रही है. वीडियो में मनीषा ने बताया कि उसका पति, सास, ससुर और देवर लगातार उसे दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे. उसने आरोप लगाया कि शादी में 20 लाख रुपये खर्च करने और बुलेट मोटरसाइकिल दहेज में देने के बावजूद, वे एक कार और बड़ी रकम की मांग कर रहे थे.
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मारपीट, गर्भपात और जानलेवा हमला
मनीषा ने यह भी दावा किया कि उसके ससुराल वाले और पति उसे अक्सर पीटते थे और यहां तक कि उसे जबरन गर्भपात भी कराया. जब उसने दहेज की मांगें पूरी नहीं कीं, तो उसके ससुराल वालों ने कथित तौर पर बिजली का झटका देकर उसे मारने की कोशिश भी की. अधिकारियों ने बताया कि मनीषा की शादी 2023 में नोएडा निवासी कुंदन से हुई थी. शादी के कुछ ही महीनों बाद उसके ससुराल वाले दहेज के लिए उस पर दबाव डालने लगे.
तलाक की बात पर बढ़ी परेशानी
मानसिक प्रताड़ना बढ़ने पर मनीषा जुलाई 2024 में अपने मायके चली गई थी. अपनी मौत से चार दिन पहले, मनीषा के परिवार ने उसके पति से तलाक लेने पर विचार करना शुरू कर दिया था. हालांकि, मनीषा ने कहा था कि वह तब तक तलाक के कागजात पर हस्ताक्षर नहीं करेगी जब तक कि उसके ससुराल वाले दहेज का सामान वापस नहीं कर देते. इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा के भयावह सच को सामने ला दिया है और समाज को इस गंभीर समस्या पर सोचने पर मजबूर कर दिया है