लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है, लेकिन यह बदलाव किसानों और आम जनजीवन के लिए आफत बनकर आया है. पिछले 24 घंटों के दौरान मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़ और राजधानी लखनऊ समेत राज्य के कई हिस्सों में जोरदार बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है. कुदरत के इस कहर से न केवल फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, बल्कि आंधी-तूफान के कारण जानमाल की क्षति की भी खबरें आ रही हैं.
इस समय प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गेहूं की फसल पक कर तैयार है और कटाई का समय नजदीक है. ऐसे में बुलंदशहर के पहासू और अलीगढ़ के इगलास व गोंडा क्षेत्रों में हुई भारी ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. तेज हवाओं के साथ हुई बारिश की वजह से खड़ी फसलें खेतों में बिछ गई हैं. अलीगढ़ में पिछले 15 दिनों में यह चौथी बार है जब मौसम ने किसानों को चोट पहुंचाई है. बेबस किसान अब सरकार और प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजे की गुहार लगा रहे हैं.
मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को राज्य के 15 से अधिक जिलों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और अंबेडकरनगर जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की प्रबल आशंका है. शनिवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने विद्युत पोल और पेड़ों को उखाड़ फेंका, जिससे घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही.
लखनऊ में शनिवार शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया. झमाझम बारिश और तेज हवाओं के बीच सरोजिनी नगर इलाके में आकाशीय बिजली गिरने से दो दुकानों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलकर राख हो गए. तेज धमाके की आवाज से राहगीरों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई.
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के मुताबिक, वर्तमान में सक्रिय 'पश्चिमी विक्षोभ' के कारण उत्तर प्रदेश के दोनों हिस्सों (पूर्वी और पश्चिमी) में यह उथल-पुथल देखी जा रही है. राहत की बात यह है कि 6 और 7 अप्रैल को मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जिससे राहत मिल सकती है. हालांकि, 8 और 9 अप्रैल को एक बार फिर आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो सकता है, जिसके लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है.