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LPG की टेंशन छोड़िए, अब पानी और इथेनॉल से जलेगा रसोई का चूल्हा! गडकरी ने खुद बता दिया

नागपुर के एक कार्यक्रम में गडकरी ने इस स्वदेशी तकनीक के बारे में बात करते हुए कहा, 'इथेनॉल से चलने वाला एक गैस स्टोव आ रहा है, इथेनॉल में 7% पानी मिलाकर आप इसे चला सकेंगे.'

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
LPG की टेंशन छोड़िए, अब पानी और इथेनॉल से जलेगा रसोई का चूल्हा! गडकरी ने खुद बता दिया
Courtesy: X

आजकल देश के कुछ हिस्सों में रसोई गैस (LPG) की किल्लत की खबरें आ रही हैं. हालांकि सरकार का कहना है कि गैस की कोई कमी नहीं है लेकिन विदेशी रूटों में दिक्कत की वजह से सप्लाई पर थोड़ा असर जरूर पड़ा है क्योंकि हम बड़े पैमाने पर गैस बाहर से मंगाते हैं. इसी बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक बेहद कमाल की तकनीक लॉन्च की है, 'इथेनॉल से चलने वाला चूल्हा'.

नागपुर के एक कार्यक्रम में गडकरी ने इस स्वदेशी तकनीक के बारे में बात करते हुए कहा, 'इथेनॉल से चलने वाला एक गैस स्टोव आ रहा है, इथेनॉल में 7% पानी मिलाकर आप इसे चला सकेंगे और यह बिल्कुल गैस की तरह जलता है जो कॉमर्शियल गैस सिलेंडर से सस्ता होता है और यह बिल्कुल स्वदेशी है यानी हमारे देश में बना है. ' उन्होंने दावा किया कि इससे खाना पकाना आम एलपीजी सिलेंडर के मुकाबले काफी सस्ता पड़ेगा और यह पर्यावरण के लिए भी बहुत अच्छा है.

पानी के साथ इथेनॉल मिलाकर चलेगा स्टोव

गडकरी ने बताया कि इस तकनीक की सबसे अनोखी बात यह है कि यह स्टोव सीधे इथेनॉल से नहीं चलता. इसमें इथेनॉल के साथ पानी मिलाया जाता है. इन दोनों के मिलने से जो फ्लेम निकलती है वह बिल्कुल साफ होती है. यह पारंपरिक गैस सिलेंडर और मिट्टी के तेल के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित, सस्ता और प्रदूषण मुक्त विकल्प है.

भारत पिछले कुछ सालों से इथेनॉल पर काफी काम कर रहा है. साल 2014 में जहां पेट्रोल में सिर्फ 1.5% इथेनॉल मिलाया जाता था, वहीं 2025 तक यह बढ़कर करीब 20% हो चुका है. अब तक सरकार का ध्यान गाड़ियों पर था लेकिन अब इसे रसोई तक पहुंचाने की तैयारी है.

 इथेनॉल चूल्हे के बड़े फायदे

पैसों की भारी बचत- गडकरी के मुताबिक, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की तुलना में यह बहुत सस्ता पड़ेगा. इससे आम परिवारों और होटल चलाने वालों का महीने का खर्च काफी कम हो जाएगा.

सेहत और सफाई- लकड़ी, कोयले या केरोसिन की तरह इससे धुआं नहीं निकलता. यह पूरी तरह साफ जलता है जिससे घर के अंदर की हवा खराब नहीं होती.

देश का फायदा- भारत अपनी जरूरत का 85% तेल और गैस विदेशों से खरीदता है जिससे देश का लाखों करोड़ रुपया बाहर चला जाता है. इथेनॉल अपनाने से यह पैसा बचेगा.

किसानों की चांदी- इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने और मक्के से बनता है. इसकी मांग बढ़ने से देश के किसानों की आमदनी बहुत बढ़ जाएगी.

हालांकि जानकारों का मानना है कि इस चूल्हे को हर घर तक पहुंचाना इतना आसान नहीं होगा. चूंकि इथेनॉल एक ऐसा लिक्विड है जिसमें आग बहुत जल्दी पकड़ती है इसलिए घरों में इसके इस्तेमाल को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार को कड़े नियम और सुरक्षा मानक तय करने होंगे ताकि कोई हादसा न हो.