उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार 27 जुलाई से पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी. उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि कई अन्य जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी दी गई है.
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-ओडिशा तट पर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र अब और मजबूत होकर अवदाब में बदल गया है. अगले 24 घंटों में इसके और अधिक मजबूत होने तथा उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट से आगे बढ़ने की संभावना है. इसी सिस्टम के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी और व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी.
मौसम विभाग ने बहराइच, लखीमपुर खीरी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, सीतापुर, हरदोई, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं समेत आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों में लोगों को जलभराव, सड़क पर फिसलन और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका जताई है. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है.
भारी बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है. किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम की स्थिति पर विशेष ध्यान देने और बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों पर न रुकने की सलाह दी गई है.