आगरा: उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक का इंतजार अभी जारी है, लेकिन उससे पहले भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. आगरा में शनिवार को पारा 43.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे गर्म शहर बन गया. दिनभर चलने वाली तेज धूप और लू ने जनजीवन को प्रभावित किया, जबकि शाम तक गर्म हवाओं का असर बना रहा. मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है, हालांकि इसके बाद मानसून सक्रिय हो सकता है.
रविवार सुबह हल्की बारिश और ठंडी हवाओं ने कुछ समय के लिए राहत जरूर दी, लेकिन जल्द ही तेज धूप निकलने से उमस और गर्मी फिर बढ़ गई. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में प्रवेश कर सकता है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है.
शनिवार सुबह से ही सूरज के तेवर तीखे रहे. सुबह 10 बजे के बाद लू चलने लगी और दोपहर तक हालात और गंभीर हो गए. अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग चार डिग्री ज्यादा रहा. वहीं न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
आगरा और प्रयागराज के बाद कानपुर, बांदा और फतेहगढ़ में 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. वाराणसी और झांसी में 42.5 डिग्री, जबकि लखीमपुर खीरी और गाजीपुर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा.
भीषण गर्मी और लू के चलते अस्पतालों में उल्टी, दस्त, चक्कर, बेहोशी और कमजोरी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है. डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक धूप में रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. आगरा घूमने आए कई पर्यटकों की तबीयत भी तेज गर्मी और उमस के कारण बिगड़ गई.
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक लू और तेज धूप का दौर जारी रहेगा. 30 जून के आसपास प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश शुरू होने की संभावना है. यदि मानसून तय समय के अनुसार सक्रिय होता है, तो लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिल सकती है. तब तक नागरिकों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है.