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India Daily

बीएसएफ कैंप से नक्सलियों को सप्लाई होते थे कारतूस, एनआईए जांच में सामने आया बड़ा नेटवर्क

एनआईए की जांच में आरोप सामने आया है कि बीएसएफ के कुछ कैंपों से सरकारी कारतूस की कथित तस्करी कर उन्हें नक्सलियों और अपराधी गिरोहों तक पहुंचाया जाता था.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
बीएसएफ कैंप से नक्सलियों को सप्लाई होते थे कारतूस, एनआईए जांच में सामने आया बड़ा नेटवर्क
Courtesy: Pinterest (Representative image)

रांची: राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है. जांच के अनुसार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कुछ कैंपों से सरकारी कारतूस की कथित तस्करी कर उन्हें आपराधिक गिरोहों और नक्सलियों तक पहुंचाया जा रहा था. जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क कई वर्षों से सक्रिय था और कारतूस को कम कीमत पर लेकर अधिक दाम में बेचा जाता था.

जांच एजेंसी के अनुसार बीएसएफ का पूर्व सिपाही अरुण कुमार सिंह उर्फ फौजी इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार बताया गया है. आरोप है कि वह अपने पूर्व सहयोगी कार्तिक बेहरा की मदद से सरकारी कारतूस हासिल करता था. जांच में दावा किया गया है कि कारतूस लगभग 100 रुपये प्रति राउंड की कीमत पर लेकर उन्हें 400 रुपये प्रति राउंड के हिसाब से नक्सलियों और अपराधी गिरोहों को बेचा जाता था.

क्या है पूरा मामला?

एनआईए के अनुसार अरुण कुमार सिंह वर्ष 1992 में बीएसएफ में भर्ती हुआ था और वर्ष 2003 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी. सेवा के दौरान उसकी पहचान 116वीं बटालियन में तैनात कार्तिक बेहरा से हुई थी. जांच में यह भी सामने आया कि कार्तिक ने अपने भाई की नौकरी के लिए अरुण से दो लाख रुपये उधार लिए थे. बाद में रकम वापस नहीं कर पाने पर उसने कथित तौर पर सरकारी कारतूस उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया, जिससे दोनों अधिक मुनाफा कमा सकें.

जांच एजेंसियों ने क्या लगाया आरोप?

जांच एजेंसी का आरोप है कि फायरिंग अभ्यास के दौरान इस्तेमाल नहीं हुए कारतूस को रिकॉर्ड में इस्तेमाल दिखा दिया जाता था. इस तरह बचाए गए कारतूस को अलग रख लिया जाता और बाद में अरुण कुमार सिंह को सौंप दिया जाता था. एनआईए के अनुसार, वर्ष 2016 में कार्तिक ने 9 एमएम और एके-47 के कुल 945 राउंड कारतूस अरुण को उपलब्ध कराए थे.

जांच में और क्या आया सामने?

जांच में यह भी सामने आया कि अरुण कुमार सिंह कारतूस की खेप लेने के लिए सड़क और ट्रेन के जरिए जैसलमेर, फिरोजपुर, जालंधर और जम्मू स्थित बीएसएफ कैंपों तक जाता था. एनआईए ने इन शहरों के कुछ होटलों के रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों के आधार पर उसके वहां ठहरने और कार्तिक बेहरा के साथ संपर्क होने का दावा किया है.