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झांसी के बाद अब लखनऊ के ज्वेलर्स ने भी लिया फैसला, नकाब-हिजाब या घूंघट से चेहरा ढककर वालों से नहीं होगा व्यापार

लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश में सराफा व्यापारियों ने सुरक्षा कारणों से चेहरा ढंककर आने वाले ग्राहकों से व्यापार न करने का फैसला लिया है. इसका मकसद चोरी, लूट और टप्पेबाजी की घटनाओं पर रोक लगाना है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
झांसी के बाद अब लखनऊ के ज्वेलर्स ने भी लिया फैसला, नकाब-हिजाब या घूंघट से चेहरा ढककर वालों से नहीं होगा व्यापार
Courtesy: Pinterest

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सराफा व्यापारियों ने सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है. नकाब, हिजाब, घूंघट, हेलमेट या मास्क लगाकर आने वाले ग्राहकों से व्यापार नहीं करने की मुहिम अब तेज हो गई है. झांसी के बाद अब राजधानी लखनऊ में भी सराफा व्यापारियों ने इस नियम को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है.

लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि चेहरा ढंककर आने वालों से किसी भी तरह का लेनदेन नहीं किया जाएगा. इस फैसले का मुख्य उद्देश्य सराफा दुकानों में बढ़ रही लूट, टप्पेबाजी और चोरी की घटनाओं पर रोक लगाना है. व्यापारियों का कहना है कि बीते कुछ समय में अपराधियों ने चेहरा ढंककर वारदातों को अंजाम दिया, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया.

क्या है यह नियम लागू करने की वजह?

इसी वजह से अब यह नियम पूरे लखनऊ में लागू किया जा रहा है. ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष और लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में व्यापारियों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि सोने और चांदी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण सराफा की दुकानें अपराधियों के निशाने पर हैं.

एसोसिएशन की ओर से क्या कहा गया?

प्रदेश के कई जिलों में हाल के महीनों में सराफा दुकानों पर लूट और ठगी की घटनाएं सामने आई हैं. एसोसिएशन ने साफ किया है कि यह नियम केवल नकाब या हिजाब तक सीमित नहीं रहेगा. किसी भी तरह से चेहरा ढंककर आने वाले पुरुष या महिला ग्राहक, चाहे वह हेलमेट या मास्क ही क्यों न हो, उनसे पहले चेहरा दिखाने का अनुरोध किया जाएगा.

संदिग्ध गतिविधियों पर कैसे रखी जाएगी नजर?

इससे सीसीटीवी कैमरों में आने वाले हर व्यक्ति की पहचान साफ तौर पर रिकॉर्ड हो सकेगी. व्यापारियों का मानना है कि इस कदम से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा. साथ ही चोरी और टप्पेबाजी की घटनाओं में भी कमी आएगी. लखनऊ से शुरू हुई यह मुहिम अब धीरे धीरे पूरे उत्तर प्रदेश में फैल रही है.

अन्य जिलों के सराफा व्यापारियों से भी इस फैसले के समर्थन में एकजुट होने की अपील की गई है. बैठक के दौरान सुरक्षा में सहयोग करने वाले पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया गया. 

थाना प्रभारी को किया गया सम्मानित?

जानकीपुरम क्षेत्र में ज्वैलर्स की दुकान से अंगूठी चोरी करने वाले आरोपी को पकड़ने में अहम भूमिका निभाने पर थाना प्रभारी विनोद तिवारी को सम्मान दिया गया. व्यापारियों ने कहा कि पुलिस और व्यापारियों के बीच बेहतर तालमेल से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है.