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बिल्डर नहीं दे पाएंगे घर खरीदारों को धोखा, UP RERA के इस कदम से एक क्लिक में खुल जाएगी बिल्डर्स की पोल

UP RERA : अगर आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और बिल्डर से घर खरीदना चाहते हैं तो आपको बहुत ही सतर्क रहना होगा. क्योंकि बिल्डर अक्सर बड़े-बड़े सपने दिखाकर लोगों के साथ धोखा कर देते हैं. इन सब को देखते हुए उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है. बिल्डर, प्रमोटर को अपने हर एक अभिलेख में एक QR कोड प्रकाशित करना होगा. यह QR कोड उनकी परियोजना के बारे में हर एक जानकारी समेटे होगी. इस QR कोड को स्कैन करते ही खरीदारों को उस परियोजना और उसके बिल्डर के बारे में हर एक जानकारी मिल जाएगी. यूपी रेरा के इस कदम से घर खरीदारों को पहले ही पता चल जाएगा कि उन्हें योजना में निवेश करना चाहिए या नहीं.

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UP RERA : घर बेचने के नाम पर बिल्डर खरीदारों को बड़े-बड़े सपने दिखाते हैं. विज्ञापन में बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन असल में हकीकत कुछ और ही होती है. घर खरीदने के बाद खरीदार खुद को ठगा हुआ पाता है. ऊंची-ऊंची इमारतें बनाकर उनका झूठा प्रचार करके उन्हें बेचा जाता है. घर खरीदने वालों के पास कोई ऐसा प्लेटफार्म नहीं होता जिससे उन्हें बिल्डर्स और उसके प्रोजेक्ट के बारे में सच्चाई पता चल पाए. लेकिन अब यूपी रेरा (Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority) ने ऐसा कदम उठाया है जिससे सिर्फ एक ही क्लिक में किसी बिल्डर और उसके प्रोजेक्ट के बारे में सारी जानकारी सामने आ जाएगी. 

रेरा ने जारी किया स्पेसिफिक QR कोड

उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने पंजीकृत परियोजनाओं को एक विशिष्ट QR कोड प्रदान किया है. हर एक परियोजनाओं के लिए क्यूआर कोड दिया गया है. अगर आप किसी भी परियोजना में निवेश करना चाहते हैं तो उससे पहले  उस परियोजना के लिए यूपी रेरा द्वारा जारी किए गए QR कोड को स्कैन करके पूरी जानकारी प्राप्त कर लें. रेरा के पोर्टल में परियोजना से संबंधित हर एक जानकारी आपको प्राप्त हो जाएगी. यहां दी गई जानकारी के अनुसार आप यह आकलन कर सकते हैं कि जिस परियोजना में आप निवेश करना चाह रहे हैं वह आपके भविष्य के लिए सही है या नहीं.

हर अभिलेख में प्रमोटर को QR कोड देना जरूरी 

UP रेरा ने प्रमोटरों को यह अनिवार्य कर दिया है कि वह आवंटियों (खरीदार) के साथ जो भी अभिलेख साझा करेंगे जैसे कि बुकिंग-फॉर्म, आवंटन-पत्र, बी.बी.ए. और परियोजना के प्रचार और मार्केटिंग के लिए प्रयुक्त सभी प्रकार के प्रचार माध्यमों, जैसे कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, एसएमएस, ब्रोशर, पैम्फलेट, आउटडोर होर्डिंग,  डिजिटल, ऑनलाइन, सोशल मीडिया, ऑडियो-वीडियो और यूट्यूब, ई-मेलर्स आदि के माध्यम से विज्ञापन तथा रियल एस्टेट एजेंटों द्वारा बनाए गए पोर्टल, सोशल मीडिया पेज और डिजिटल चैनलों में यह QR कोड प्रकाशित/देना आवश्यक है. 

QR कोड स्कैन करके पता लगाएं बिल्डर की पूरी कुंडली 

उ.प्र. रेरा के अध्यक्ष, संजय भूसरेड्डी ने QR कोड के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी खरीदार QR कोड स्कैन करके उस योजना और प्रोजेक्ट से जुड़ी हर एक जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है. जैसे भू-अभिलेख, स्वीकृत ले-आउट और मानचित्र,परियोजना के प्रारंभ और पूर्ण होने की तिथियां,तिमाही प्रगति रिपोर्ट (क्यू.पी.आर.), ओ.सी. या सी.सी., परियोजना की विशेषताएं और सुविधाएं, बैंक खाते, प्रमोटर, सह-प्रमोटर, पंजीकृत एजेंट, अनापत्ति प्रमाण-पत्र तथा अन्य जरूरी जानकारी खरीदारी QR कोड के जरिए प्राप्त कर सकता है.

उन्होंने बताया कि यह सुविधा उपभोक्ताओं के हित के लिए शुरू की गई है. इससे उन्हें किसी भी परियोजना में निवेश करने से पहले उसके बारे में सही और सटीक जानकारी मिलेगी ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का धोखे का सामना न करना पड़े.