menu-icon
India Daily

UP PWD: यूपी की सड़कों का बदलेगा नक्शा, 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर सीएम योगी लगाएंगे मुहर

उत्तर प्रदेश में सड़क और पुल पुलियों के निर्माण को गति देने की तैयारी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष जिलों की संशोधित कार्ययोजना पेश की जाएगी.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
UP PWD: यूपी की सड़कों का बदलेगा नक्शा, 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर सीएम योगी लगाएंगे मुहर
Courtesy: ANI

उत्तर प्रदेश में सड़क और पुल पुलियों के निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) ने तैयारियां तेज कर दी हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंडलीय समीक्षा बैठकें पूरी होने के बाद अब जिलों से मिली संशोधित कार्ययोजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. मंगलवार को इन प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण मुख्यमंत्री के समक्ष किया जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद प्राथमिकता वाले विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. इस वित्तीय वर्ष में विधायकों द्वारा सुझाए गए प्रस्तावों के आधार पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से सड़क और पुल पुलियों के निर्माण एवं सुधार कार्य कराए जाने की योजना है. मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलते ही बुधवार से इन परियोजनाओं के लिए प्रशासनिक मंजूरियां जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके.

विधायकों की प्राथमिकताओं के आधार पर बनी नई योजना

हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न मंडलों में समीक्षा बैठकें की थीं. इन बैठकों में विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से पहले से प्रस्तावित विकास कार्यों में उनकी प्राथमिकताओं की जानकारी ली गई. इन्हीं सुझावों के आधार पर सभी जिलों से संशोधित कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए थे, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार परियोजनाओं को प्राथमिकता मिल सके.

जिलों से पहुंच रही संशोधित कार्ययोजनाएं

शासन के निर्देश पर जिलाधिकारियों को सोमवार तक संशोधित कार्ययोजना सीधे प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान को भेजने के लिए कहा गया था. विभागाध्यक्ष ए.के. द्विवेदी के अनुसार, अधिकांश जिलों से प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं और शेष जिलों की योजनाएं भी जल्द मिलने की उम्मीद है. इन सभी प्रस्तावों को संकलित कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा.

मंजूरी मिलते ही शुरू होगी स्वीकृति प्रक्रिया

लोक निर्माण विभाग का लक्ष्य है कि मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के तुरंत बाद प्राथमिकता वाले कार्यों की स्वीकृतियां जारी कर दी जाएं. इसके लिए विभाग ने सभी जरूरी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली हैं. प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित परियोजनाओं पर जल्द काम शुरू कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी, जिससे विकास कार्यों में देरी न हो.

जरूरत पड़ने पर मांगा जा सकता है अतिरिक्त बजट

सूत्रों के अनुसार, यदि चालू वित्तीय वर्ष में आवंटित बजट का उपयोग तेजी से होता है तो विभाग अनुपूरक बजट के जरिए अतिरिक्त धनराशि की मांग भी कर सकता है. इसके लिए बजट खर्च की गति पर लगातार नजर रखी जाएगी. विभाग का उद्देश्य उपलब्ध धनराशि का समयबद्ध उपयोग करते हुए विकास कार्यों को तय समय के भीतर आगे बढ़ाना है.

चल रही परियोजनाओं पर भी रहेगा जोर

लोक निर्माण विभाग केवल नई परियोजनाओं पर ही नहीं, बल्कि पहले से स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति पर भी विशेष ध्यान दे रहा है. विभाग ने चालू परियोजनाओं के लिए बजट जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी है, ताकि किसी भी योजना का काम धन की कमी के कारण प्रभावित न हो और सड़क एवं पुल निर्माण की गति बनी रहे.