अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित दान हेराफेरी मामले में विवाद लगातार गहराता जा रहा है. पुलिस द्वारा शिकायत पर FIR दर्ज नहीं किए जाने के बाद फैजाबाद बार एसोसिएशन खुलकर सामने आ गया है. वकीलों का कहना है कि उन्होंने पर्याप्त समय देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होते देख अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है. इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है.
फैजाबाद बार एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर दान मामले में दी गई शिकायत पर पुलिस ने अब तक FIR दर्ज नहीं की. वकीलों का कहना है कि उन्होंने निर्धारित समय तक इंतजार किया, लेकिन कोई कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं हुई. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधिकारियों से मिलने भी पहुंचा.
एसोसिएशन के सदस्य आफताब खान ने बताया कि पुलिस ने उन्हें जानकारी दी कि शिकायत को वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेज दिया गया है. बाद में प्रतिनिधिमंडल अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी मिला. वहां भी उन्हें यही जवाब मिला कि फिलहाल FIR दर्ज नहीं की गई है.
पुलिस की ओर से कार्रवाई न होने के बाद वकीलों ने अदालत जाने का फैसला किया है. उनका कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की जाएगी. एसोसिएशन का मानना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि सभी तथ्यों की स्पष्टता सामने आ सके.
फैजाबाद बार एसोसिएशन ने पहले ही आम बैठक में तय किया था कि इस मामले में आरोपित लोगों की ओर से कोई सदस्य पैरवी नहीं करेगा. साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि यदि कोई सदस्य ऐसा करता है तो उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी.
इस मामले में जिन पूर्व पदाधिकारियों के नाम सामने आए थे, उनके इस्तीफे ट्रस्ट पहले ही स्वीकार कर चुका है. अब वकीलों की नई पहल के बाद विवाद कानूनी मोड़ लेता दिखाई दे रहा है. आने वाले दिनों में अदालत और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी.