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भीषण गर्मी के बीच UP में बिजली की मांग ने बनाया नया रिकॉर्ड, 32,405 मेगावाट तक पहुंची खपत

उत्तर प्रदेश में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी ने बिजली खपत के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. भीषण गर्मी का सीधा असर बिजली की मांग पर पड़ा है, जिसने पहली बार 32 हजार मेगावाट का आंकड़ा पार कर नया इतिहास रच दिया है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
भीषण गर्मी के  बीच UP में बिजली की मांग ने बनाया नया रिकॉर्ड, 32,405 मेगावाट तक पहुंची खपत
Courtesy: Pinterest

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी ने बिजली खपत के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. दिन और रात दोनों समय तापमान में राहत न मिलने के कारण लोगों की निर्भरता एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों पर बढ़ गई है. इसका सीधा असर बिजली की मांग पर पड़ा है, जिसने पहली बार 32 हजार मेगावाट का आंकड़ा पार कर नया इतिहास रच दिया है.

पावर सेक्टर से जुड़े अधिकारियों के अनुसार मंगलवार रात 10:36 बजे प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 32,405 मेगावाट दर्ज की गई. यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है. वहीं रात के समय भी बिजली की खपत में कोई बड़ी कमी नहीं देखी जा रही है और न्यूनतम मांग लगातार 23 से 24 हजार मेगावाट के बीच बनी हुई है. मौसम में बदलाव न होने की स्थिति में यह मांग जल्द ही 34 हजार मेगावाट के पार पहुंच सकती है.

गर्मी ने बढ़ाई बिजली की खपत

प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान ने बिजली की आवश्यकता को असाधारण स्तर तक पहुंचा दिया है. घरों, दफ्तरों और ऑफिसों में एयर कंडीशनर के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द बारिश नहीं होती, तो बिजली खपत के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं.

उत्पादन में आई कमी

बढ़ती मांग के बीच बिजली उत्पादन क्षेत्र को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. विभिन्न तकनीकी और परिचालन कारणों से तापीय ऊर्जा परियोजनाओं की पांच इकाइयां बंद होने से करीब 3,000 मेगावाट उत्पादन प्रभावित हुआ है. इसके बावजूद बिजली विभाग का दावा है कि उपभोक्ताओं को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है.

अतिरिक्त बिजली जुटाने की कोशिश

बढ़ती जरूरत को पूरा करने के लिए पावर कॉरपोरेशन ने पहले से किए गए बिजली खरीद समझौतों के अलावा अन्य विकल्पों पर भी काम शुरू कर दिया है. पावर एक्सचेंज और विभिन्न राज्यों के साथ बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं. हालांकि देशभर में मांग बढ़ने के कारण खुले बाजार में पर्याप्त बिजली मिलना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है.