पंजाब के बठिंडा में हुए पेट्रोल बम हमले के मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है. बीजेपी नेता, सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन और होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. तरसेम गर्ग के क्लीनिक पर हमला करने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस गिरफ्तारी के बाद मामले में कई अहम खुलासों की उम्मीद बढ़ गई है.
घटना के बाद से पुलिस लगातार तकनीकी और फोरेंसिक जांच में जुटी हुई थी. वहीं मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी जांच का जिम्मा संभाल लिया है. अब एजेंसियां हमले के पीछे की पूरी साजिश और संभावित कनेक्शन को खंगाल रही हैं.
सूत्रों के अनुसार बुधवार देर शाम पुलिस ने दोनों आरोपियों को अबोहर से गिरफ्तार किया. बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के दौरान दोनों ने भागने की कोशिश की, जिसके चलते उन्हें चोटें आईं. बाद में उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल बठिंडा में भर्ती कराया गया. पुलिस जल्द ही प्रेस वार्ता कर पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक जानकारी साझा कर सकती है.
जानकारी के मुताबिक सोमवार रात करीब 9:40 बजे दो युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर मेला राम रोड स्थित क्लीनिक के बाहर पहुंचे थे. आरोप है कि उन्होंने वहां पेट्रोल बम फेंका और तुरंत मौके से फरार हो गए. इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन परिसर में खड़ी एक स्कूटी और कुछ अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया.
हमले के करीब दो घंटे बाद डॉ. गर्ग के परिवार को एक धमकी भरा फोन कॉल मिला. कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को शहजाद भट्टी बताते हुए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया और चेतावनी भी दी. इस सूचना के बाद पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया तथा मामले को गंभीरता से लेते हुए कई एजेंसियों को सक्रिय किया गया.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम बठिंडा पहुंची और करीब दो घंटे तक मामले की जांच की. टीम ने डॉ. तरसेम गर्ग से बातचीत कर पुराने विवाद, संभावित धमकियों और अन्य पहलुओं की जानकारी ली. साथ ही सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी अध्ययन किया गया ताकि हमले के पीछे की सच्चाई तक पहुंचा जा सके.
पुलिस ने फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वायड और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से जांच को आगे बढ़ाया. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के बाद हमले की साजिश, धमकी भरे कॉल और संभावित नेटवर्क को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं. फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है.