menu-icon
India Daily

लखनऊ अग्निकांड का हुआ भांडाफोड़... इस कारण लगी आग, AC कम्प्रेसर बना ब्लास्ट की बड़ी वजह

जांच में सामने आया है कि आग किसी बाहरी कारण से नहीं, बल्कि एयर कंडीशनर के कम्प्रेसर में हुई तकनीकी खराबी और ओवरहीटिंग के चलते लगी थी.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
लखनऊ अग्निकांड का हुआ भांडाफोड़... इस कारण लगी आग, AC कम्प्रेसर बना ब्लास्ट की बड़ी वजह
Courtesy: ANI

लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट ने हादसे की कई अहम परतों से पर्दा उठा दिया है. जांच में सामने आया है कि आग किसी बाहरी कारण से नहीं, बल्कि एयर कंडीशनर के कम्प्रेसर में हुई तकनीकी खराबी और ओवरहीटिंग के चलते लगी थी. इस दुर्घटना ने न केवल सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया है, बल्कि व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

विद्युत सुरक्षा निदेशालय द्वारा जारी शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, भवन में लगे एसी के आउटडोर यूनिट लगातार संचालित हो रहे थे. पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं होने के कारण आसपास का तापमान लगातार बढ़ता गया. इसी वजह से एक कम्प्रेसर अत्यधिक गर्म हो गया और उसमें विस्फोट हो गया, जिसने कुछ ही मिनटों में बड़े हादसे का रूप ले लिया.

कैसे शुरू हुई आग?

जांच टीम के मुताबिक, कम्प्रेसर में हुए धमाके से निकली चिंगारियां पास में लगे अन्य आउटडोर यूनिट तक पहुंच गईं. इसके बाद कई अन्य कम्प्रेसरों में भी विस्फोट हुआ, जिससे आग तेजी से फैलती चली गई. देखते ही देखते आग ने आसपास खड़े दोपहिया वाहनों, स्टोर में रखी सामग्री और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया.

निकासी व्यवस्था की कमी बनी बड़ी वजह

रिपोर्ट में बताया गया है कि भवन में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक संकरा रास्ता था. आपातकालीन स्थिति में लोगों के बाहर निकलने के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग मौजूद नहीं था. इसी कारण आग फैलने के दौरान कई लोग और बच्चे भवन के भीतर फंस गए.

क्षमता से अधिक बिजली उपयोग का खुलासा

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि भवन में 20 किलोवाट का बिजली कनेक्शन स्वीकृत था, जबकि वास्तविक खपत 34 किलोवाट से अधिक हो रही थी. यह स्थिति ओवरलोडिंग की श्रेणी में आती है, जिससे विद्युत उपकरणों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था.

फायर सेफ्टी संसाधनों का अभाव

रिपोर्ट में भवन में फायर सेफ्टी व्यवस्था की गंभीर कमी का भी उल्लेख किया गया है. न तो आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण मौजूद थे और न ही प्राथमिक स्तर पर उपयोग होने वाली सुरक्षा सामग्री उपलब्ध थी. इससे आग पर शुरुआती नियंत्रण संभव नहीं हो पाया.

AC यूनिट और मुख्य पैनल बने जोखिम का कारण

भवन के मुख्य प्रवेश और निकास द्वार के पास आठ एसी आउटडोर यूनिट लगाए गए थे. इन्हीं के नीचे मुख्य विद्युत सप्लाई पैनल भी स्थापित था. जांच टीम का मानना है कि आग फैलने में इस व्यवस्था ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और हादसे की गंभीरता बढ़ा दी.