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UP MLC ELECTION 2026: BJP ने उतारे अपने उम्मीदवार, शिक्षक-स्नातक सीटों पर नए सियासी समीकरण

यूपी विधान परिषद चुनाव 2026 में BJP ने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सभी 11 सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं. पार्टी ने पांच मौजूदा MLC को दोबारा मौका दिया है, जबकि छह सीटों पर नए नाम उतारे हैं.

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Edited By: Shanu Sharma
Anuj Kumar
Reported By: Anuj Kumar
UP MLC ELECTION 2026: BJP ने उतारे अपने उम्मीदवार, शिक्षक-स्नातक सीटों पर नए सियासी समीकरण
Courtesy: ANI

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद की 11 शिक्षक और स्नातक सीटों का चुनाव राजनीतिक दलों के लिए अहम परीक्षा बन गया है. चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक इन 11 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी. नामांकन की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है. 

भारतीय जनता पार्टी ने पहले पांच सीटों पर अपने मौजूदा विधान परिषद सदस्यों को ही दोबारा प्रत्याशी बनाया था. अब पार्टी ने बाकी छह सीटों के लिए भी नाम घोषित कर दिए हैं. इस तरह आपके दिए अपडेट के मुताबिक BJP ने 11 में से अपनी छह सीटों समेत सभी 11 सीटों के लिए अपने प्रत्याशी तय कर दिए हैं.

पहले घोषित किए गए 5 प्रत्याशी

BJP ने मई में पांच सीटों पर मौजूदा MLC को ही दोबारा मैदान में उतारा था. जिसमें अवनीश कुमार सिंह (लखनऊ स्नातक), डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह (आगरा स्नातक), डॉ. हरि सिंह ढिल्लों (बरेली-मुरादाबाद शिक्षक), उमेश द्विवेदी (लखनऊ शिक्षक) और श्रीचंद शर्मा (मेरठ-सहारनपुर शिक्षक) शामिल है. इन पांचों को दोबारा टिकट देकर BJP ने अपने मौजूदा नेटवर्क और संगठनात्मक अनुभव पर भरोसा जताया है. अब घोषित किए गए 6 प्रत्याशी में केदार नाथ सिंह (वाराणसी स्नातक), दिनेश गोयल (मेरठ स्नातक), अशोक कुमार राठौर (इलाहाबाद-झांसी स्नातक), डॉ. प्रमोद मिश्रा (वाराणसी शिक्षक), इंजीनियर हरि किशोर तिवारी (आगरा शिक्षक) और ध्रुव त्रिपाठी (गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक) का नाम शामिल है.

BJP के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह चुनाव?

इन चुनावों को सिर्फ विधान परिषद की 11 सीटों का चुनाव मानना मुश्किल है. 2027 विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले यह BJP के संगठन, शिक्षक वर्ग और शिक्षित मतदाताओं के बीच पकड़ का एक अहम राजनीतिक परीक्षण है. हिन्दुस्तान टाइम्स ने भी इन चुनावों को 2027 से पहले BJP की चुनावी तैयारियों की परीक्षा के तौर पर रेखांकित किया है. 

1. मौजूदा चेहरों पर भरोसा

BJP ने पहले पांच सीटों पर अपने मौजूदा MLC को रिपीट किया. अब छह अन्य सीटों पर भी उम्मीदवार घोषित करके पार्टी ने टिकट वितरण को अंतिम रूप दिया है. इससे संदेश जाता है कि पार्टी ने कई क्षेत्रों में पहले से सक्रिय नेताओं और अपने नेटवर्क को प्राथमिकता दी है.

2. शिक्षक वोट सबसे बड़ा फैक्टर

छह सीटें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की हैं. ऐसे में पुरानी पेंशन, वेतन विसंगति, एडेड स्कूलों के शिक्षक, शिक्षकों की भर्ती, स्थानांतरण और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे BJP के लिए चुनौती और विपक्ष के लिए मुद्दा दोनों बन सकते हैं.

खास तौर पर समाजवादी पार्टी शिक्षक वर्ग के बीच पुरानी पेंशन योजना को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है. अखिलेश यादव ने 29 सितंबर को कहा कि सत्ता में आने पर SP अपने घोषणापत्र में OPS लागू करने का वादा करेगी. 

3. जातीय समीकरण के साथ सामाजिक प्रतिनिधित्व

इन सीटों पर चुनाव विधानसभा जैसा व्यापक मतदाता चुनाव नहीं है. यहां स्नातक और शिक्षक मतदाता ही निर्णायक होते हैं. इसलिए प्रत्याशी की जातीय पहचान के साथ-साथ शिक्षक संगठनों, पेशेवर नेटवर्क, व्यक्तिगत संपर्क और क्षेत्रीय प्रभाव भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं.

BJP की केंद्रीय और प्रदेश स्तर की रणनीति में भी उम्मीदवार तय करते समय क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व जैसे कारकों पर विचार किए जाने की बात सामने आई है. 

4. महिला प्रतिनिधित्व का सवाल

एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि घोषित सूची में महिला प्रत्याशी नजर नहीं आती हैं. ऐसे समय में जब BJP महिला प्रतिनिधित्व और महिला मतदाताओं को राजनीतिक रूप से लगातार महत्व देती रही है, विधान परिषद की इस सूची में महिला चेहरा न होना पार्टी की उम्मीदवार चयन रणनीति का अलग पहलू बनता है.

हालांकि इन निर्वाचन क्षेत्रों की प्रकृति को देखते हुए इसे सीधे विधानसभा चुनाव के महिला वोट से जोड़ना उचित नहीं होगा.

5. 2027 के लिए संगठन की परीक्षा

11 सीटों के चुनाव में BJP को सिर्फ उम्मीदवार नहीं लड़ाने हैं, बल्कि शिक्षक संगठनों, स्नातक मतदाता समूहों और क्षेत्रीय संगठन को एक साथ सक्रिय करना होगा. यही वजह है कि BJP की प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में भी MLC चुनाव के उम्मीदवारों पर चर्चा हुई थी.