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यूपी कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी तेज, कई जिलों और शहरों के अध्यक्ष बदलेंगे; सक्रिय नेताओं को मिलेगा मौका

यूपी कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने की तैयारी तेज है. कई जिलों और शहरों के अध्यक्षों की समीक्षा होगी. नए सहप्रभारियों को संगठन सृजन अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है. बदलाव होंगे.

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Edited By: Reepu Kumari
यूपी कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी तेज, कई जिलों और शहरों के अध्यक्ष बदलेंगे; सक्रिय नेताओं को मिलेगा मौका
Courtesy: Pinterest

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है. पार्टी प्रदेश कार्यकारिणी का गठन करेगी और कई जिलों व शहरों के निष्क्रिय अध्यक्षों को बदलने की तैयारी है. इसके लिए नए सहप्रभारियों को संगठन सृजन अभियान की जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें क्षेत्रों का दौरा कर संगठन की समीक्षा करनी होगी. उनकी रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को सौंपी जाएगी, जिसे आगे शीर्ष नेतृत्व के सामने रखा जाएगा. कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने की कवायद ऐसे समय तेज की है, जब पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है. प्रदेश में लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर लगातार काम किया जा रहा है. अब पार्टी की नजर जिला और शहर स्तर के ढांचे को मजबूत करने पर है. इसके तहत सक्रिय नेताओं को आगे लाने और बूथ स्तर तक संगठन को प्रभावी बनाने की योजना तैयार की गई है.

प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की तैयारी

प्रदेश प्रभारी बनने के बाद राजेंद्र पाल गौतम ने इसी महीने प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की घोषणा की थी. अब संगठन सृजन अभियान के जरिए जिला और शहर स्तर पर भी बदलाव की तैयारी की जा रही है. पार्टी का उद्देश्य ऐसे पदाधिकारियों को जिम्मेदारी देना है, जो संगठन के काम में सक्रिय भूमिका निभा सकें. कांग्रेस नेतृत्व की ओर से निष्क्रिय पदाधिकारियों की समीक्षा के संकेत दिए गए हैं. इसके बाद कई जिलों और शहरों के अध्यक्षों में बदलाव संभव माना जा रहा है. हालांकि अंतिम फैसला संगठन की समीक्षा और रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा.

छह नए सहप्रभारियों को मिली जिम्मेदारी

कांग्रेस ने हाल ही में छह नए सहप्रभारी नियुक्त किए हैं. इनमें अभिषेक दत्त, कुनाल चौधरी, जगदीश चंद्र जांगिड, संजीव आर्या, वरुण चौधरी और अब्दुल हन्नान शामिल हैं. इन्हें उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है. नवनियुक्त सहप्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में जाकर संगठन की स्थिति का जायजा लेना होगा. उन्हें जिला और शहर अध्यक्षों के कामकाज की समीक्षा करनी है. इसके साथ ही जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति और संगठन की सक्रियता की जानकारी जुटानी होगी.

राहुल गांधी ने दिए सक्रिय नेताओं को आगे लाने के संकेत

नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में संगठन सृजन अभियान को लेकर हुई बैठक में राहुल गांधी ने सक्रिय नेताओं को आगे लाने पर जोर दिया. उन्होंने अभियान के अगले चरण को शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं. बैठक में संगठन को केवल जिला स्तर तक सीमित रखने के बजाय बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर रहा. पार्टी की कोशिश है कि जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी मिले और संगठन की गतिविधियां अधिक प्रभावी तरीके से चलें.

खरगे ने जिलों का दौरा करने को कहा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नवनियुक्त सहप्रभारियों से अपने-अपने जिलों का दौरा करने को कहा है. उन्हें जिला और शहर अध्यक्षों के कामकाज की समीक्षा करने के साथ बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है. बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सहप्रभारियों के बीच क्षेत्र और जिलों का बंटवारा भी कर दिया. इसके बाद अब संगठन सृजन अभियान को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी.

छह जोन में बांटा गया उत्तर प्रदेश

सहप्रभारियों को उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जोन की जिम्मेदारी दी गई है. क्षेत्रवार जिम्मेदारी इस प्रकार है;

  • अब्दुल हन्नान-अवध जोन, 11 जिले
  • अभिषेक दत्त-पूर्वांचल जोन, 12 जिले
  • वरुण चौधरी-प्रयागराज जोन, 12 जिले
  • जगदीश चंद्र जांगिड-बुंदेलखंड जोन, 13 जिले
  • कुनाल चौधरी-ब्रज जोन, 13 जिले
  • संजीव आर्या-पश्चिम जोन, 14 जिले

सहप्रभारियों को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को देनी है. इसके बाद रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को भेजी जाएगी. इसी समीक्षा के आधार पर संगठन में आगे बदलाव का फैसला लिया जा सकता है.