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Gen-Z पर BJP की नजर, युवाओं को साधने के लिए यूपी में बदली रणनीति; जानें क्या है प्लानिंग

पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं में असंतोष के बीच उत्तर प्रदेश भाजपा ने Gen-Z तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति तेज की है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Gen-Z पर BJP की नजर, युवाओं को साधने के लिए यूपी में बदली रणनीति; जानें क्या है प्लानिंग
Courtesy: Pinterest

लखनऊ: पेपर लीक और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर युवाओं में बढ़ते असंतोष के बीच उत्तर प्रदेश भाजपा ने Gen-Z तक अपनी पहुंच बढ़ाने की रणनीति तेज कर दी है. पार्टी की कोशिश विभिन्न अभियानों, संवाद कार्यक्रमों और शैक्षणिक परिसरों में गतिविधियों के जरिए युवाओं से संपर्क बढ़ाने की है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत की ओर से Gen-Z को देश का भविष्य और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण वर्ग बताए जाने के बाद भाजपा के युवा केंद्रित कार्यक्रमों पर भी चर्चा तेज हुई है. आगामी चुनावों को देखते हुए युवा मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

क्या है पार्टी का प्लान?

भाजपा 11 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान चलाने जा रही है. पार्टी ने इस अभियान में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की योजना बनाई है. विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में संगोष्ठियों के जरिए राष्ट्रवाद, एक भारत श्रेष्ठ भारत और वर्ष 2047 तक विकसित भारत जैसे विषयों को युवाओं के बीच ले जाने की तैयारी है.

इसके अलावा संत रविदास समरसता संकल्प अभियान के तहत भी कॉलेजों में कार्यक्रम और संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी. इन कार्यक्रमों में समाज सुधारकों और सामाजिक आंदोलनों से जुड़े विषयों पर चर्चा के साथ युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा.

देश के अलग अलग हिस्सों में छात्रों के प्रदर्शन के बीच भाजपा के युवा मोर्चे को भी सक्रिय किया गया है. उत्तर प्रदेश में भाजयुमो सितंबर तक कॉलेजों और शैक्षणिक परिसरों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रहा है.

किन मुद्दों पर होगी बात?

इन कार्यक्रमों के दौरान युवाओं से राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर संवाद किया जाएगा. पार्टी का कहना है कि संवाद के जरिए युवाओं के विचार और उनकी प्राथमिकताओं को समझने के साथ सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी भी दी जाएगी.

विपक्ष का क्या है प्लान?

पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर विपक्षी दल युवाओं के बीच अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेता छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं.

भाजपा ने भी विपक्ष के इस अभियान का राजनीतिक जवाब देने की तैयारी की है. पार्टी का ओबीसी मोर्चा प्रयागराज में राहुल गांधी के युवाओं और छात्रों से संवाद के दौरान अपनी बात रखने की तैयारी में है. भाजपा युवाओं के बीच कांग्रेस की नीतियों और उसके पुराने रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठाने की रणनीति पर काम कर रही है.

आने वाले महीनों के लिए क्या है रणनीति?

आने वाले महीनों में कॉलेज परिसरों और युवा संवाद कार्यक्रमों के जरिए भाजपा की यह रणनीति कितनी प्रभावी होती है, यह देखने वाली बात होगी. Gen-Z के बीच राजनीतिक दलों की स्वीकार्यता आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.