उत्तर प्रदेश एटीएस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जिसमें चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है. ये आरोपी देश में अशांति फैलाने और आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहे थे. जांच में सामने आया है कि इनका संपर्क पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से था और सोशल मीडिया के जरिए इनकी गतिविधियां संचालित हो रही थीं. एटीएस अब इनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी हुई है.
एटीएस ने साकिब, विकास, लोकेश और अरबाब को गिरफ्तार किया है. इनके पास से ज्वलनशील पदार्थ, सात मोबाइल फोन, 24 पंपलेट और आधार कार्ड बरामद हुए हैं. प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी कुछ जगहों पर छोटी आगजनी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं और आगे बड़े हमलों की तैयारी में थे.
UP–ATS ने मेरठ/नोएडा के 4 युवकों को गिरफ्तार किया है। ATS का दावा है कि ये गैंग भारत में प्रतिष्ठित संस्थानों/वाहनों, रेलवे सिग्नल बॉक्स के फोटो/GPS लोकेशन पाकिस्तान में हैंडलर्स को भेज रहा था। इसके बदले उन्हें पैसे मिल रहे थे। पाकिस्तान से निर्देश मिलने के बाद इन जगहों पर आग… pic.twitter.com/xEr3gwbusF
— Sachin Gupta (@Sachingupta) April 3, 2026
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह गैस सिलिंडर और ट्रकों में आग लगाकर दहशत फैलाने की योजना बना रहा था. खासतौर पर लखनऊ रेलवे स्टेशन के आसपास रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई थी. समय रहते कार्रवाई कर एटीएस ने इस बड़ी घटना को टाल दिया.
पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य पाकिस्तान के कट्टरपंथी हैंडलरों से जुड़े थे. ये लोग टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क में रहते थे. आगजनी की घटनाओं के वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे जाते थे और इसके बदले क्यूआर कोड के जरिए पैसे हासिल किए जाते थे.
मुख्य आरोपी साकिब उर्फ डेविल सोशल मीडिया के जरिए अन्य युवकों को इस नेटवर्क से जोड़ रहा था. उसने अपने साथियों को देश के अहम स्थानों की जानकारी भी भेजी थी. एटीएस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और संभावित साजिशों का पता लगाने में जुटी है, ताकि भविष्य में किसी बड़े खतरे को रोका जा सके.