उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा के 29 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों का लंबे समय से चल रहा इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया है. केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद राज्य सरकार ने उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत करने के आदेश जारी कर दिए हैं.
यह पदोन्नति साल 2010 से 2012 बैच के अधिकारियों को मिली है. अब इन अधिकारियों की नई तैनाती की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है और जल्द ही तबादलों की नई सूची भी जारी किए जाने की संभावना है.
पीसीएस अधिकारियों को आईएएस संवर्ग में पदोन्नत करने के लिए 10 जून को संघ लोक सेवा आयोग में विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक हुई थी. इसके बाद कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की अधिसूचना जारी हुई. मंगलवार रात नियुक्ति विभाग ने भी पदोन्नति आदेश जारी कर दिए. इसके साथ ही अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों का रास्ता साफ हो गया है.
पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में लखनऊ, गोरखपुर और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव, कई मंडलों के अपर आयुक्त, विभिन्न जिलों के अपर जिलाधिकारी, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में तैनात अधिकारी भी शामिल हैं. इन अधिकारियों ने अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अनुभव हासिल किया है.
आईएएस संवर्ग में शामिल होने के बाद इन अधिकारियों की नई तैनाती की तैयारी शुरू हो गई है. शासन स्तर पर नई पोस्टिंग को लेकर मंथन चल रहा है. माना जा रहा है कि प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार जल्द ही तबादलों की सूची जारी होगी, जिससे कई जिलों और विभागों में जिम्मेदारियों का नया बंटवारा देखने को मिलेगा.
सचिवालय में कार्यरत 336 सहायक समीक्षा अधिकारियों को समीक्षा अधिकारी पद पर पदोन्नत किए जाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है. आयोग की संस्तुतियां पहले ही सचिवालय प्रशासन विभाग को प्राप्त हो चुकी हैं. पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद सचिवालय सेवा में भी बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव देखने को मिलेंगे.
राज्य सचिवालय सेवा के कई अधिकारियों को भी उच्च पदों पर पदोन्नति दी गई है. तीन संयुक्त सचिवों को विशेष सचिव बनाया गया है, जबकि कई अधिकारियों को संयुक्त सचिव और उप सचिव के पद पर पदोन्नति मिली है. इन फैसलों से प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.