menu-icon
India Daily

नसरल्लाह के समर्थन में लखनऊ में नारेबाजी, लोगों ने घरों पर लगाए काले झंडे

शिया समुदाय के लोगों ने इसे मुस्लिम समुदाय पर हमला बताया. लोगों के हाथों में काले झंडे़ थे. छोटा इमामबाड़ा से लेकर बड़ा इमाम तक लगभग 1 किलोमीटर लंबा प्रदर्शन किया. हर घर पर काला झंडा लगाने के साथ ही कई दुकानदारों ने भी इस घटना के प्रति शोक व्यक्त करते हुए अपनी दुकानें अगले तीन दिन के लिए बंद रखने का ऐलान किया है.

India Daily Live
नसरल्लाह के समर्थन में लखनऊ में नारेबाजी, लोगों ने घरों पर लगाए काले झंडे
Courtesy: Social Media

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह की हत्या के बाद शिया समुदाय में आक्रोश है. नसरल्लाह की हत्या के विरोध में रविवार रात को राजधानी लखनऊ के इमामबाड़ा इलाके में हजारों मुसलमान सड़कों पर उतर आए. हाथों में हसन नसरल्लाह की तस्वीर लेकर जिंदाबाद के नारे लगाए. साथ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई. 

शिया समुदाय के लोगों ने इसे मुस्लिम समुदाय पर हमला बताया. लोगों के हाथों में काले झंडे़ थे. छोटा इमामबाड़ा से लेकर बड़ा इमाम तक लगभग 1 किलोमीटर लंबा प्रदर्शन किया. हर घर पर काला झंडा लगाने के साथ ही कई दुकानदारों ने भी इस घटना के प्रति शोक व्यक्त करते हुए अपनी दुकानें अगले तीन दिन के लिए बंद रखने का ऐलान किया है.

एक किलोमीटर लंबा कैंडल मार्च

इस विरोध प्रदर्शन में हाजारों लोग शामिल हुए. मामबाड़ा से बड़े इमामबाड़ा तक एक किलोमीटर लंबा कैंडल मार्च भी निकाला गया. मार्च में शामिल लोगों ने नसरल्लाह को याद किया और उसे श्रद्धांजलि दी. विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि नसरल्लाह की हत्या से पूरे मुस्लिम समुदाय को गहरा धक्का पहुंचा है और यह विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिलता.

जम्मू-कश्मीर में भी हुए प्रदर्शन

जम्मू-कश्मीर में शनिवार को हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह की हत्या के विरोध में प्रदर्शन हुआ.  लेबनान के बेरूत में इजरायल की ओर से हवाई हमले में हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की हत्या की निंदा करते हुए सड़कों पर उतर आए. बडगाम में आयोजित विरोध मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. 

हसन नसरल्लाह महज हिजबुल्लाह के चीफ थे. मजह 30 साल उम्र में वे कंमाडर बन गए थे. उनके नेतृत्व में हिजबुल्लाह ने मध्य पूर्व में एक प्रभावशाली ताकत के रूप में उभरा. अब उनकी मौत हिजबुल्लाह के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है.