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'यूपी में नहीं होंगे स्कूल बंद, बच्चों को मिलेगा इंटीग्रेटेड कैंपस का तोहफा', CM योगी ने विधानसभा में विपक्ष को दिया जवाब

सरकार ने तय किया है कि हर 22 छात्रों पर एक शिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा. जहां जरूरत होगी, वहां आयोग के माध्यम से नई भर्तियां कराई जाएंगी. इससे न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि शिक्षकों पर काम का बोझ भी कम होगा.

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Edited By: Reepu Kumari
'यूपी में नहीं होंगे स्कूल बंद, बच्चों को मिलेगा इंटीग्रेटेड कैंपस का तोहफा', CM योगी ने विधानसभा में विपक्ष को दिया जवाब
Courtesy: Pinterest

Atal Residential Schools: उत्तर प्रदेश विधानसभा में नॉनस्टॉप चर्चा के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी स्कूल को बंद करने का इरादा नहीं रखती है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बच्चों को आधुनिक और सुसज्जित इंटीग्रेटेड कैंपस उपलब्ध कराना है, जहां वे प्री-प्राइमरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी तक की शिक्षा एक ही परिसर में प्राप्त कर सकें. यह मॉडल अटल आवासीय विद्यालय योजना पर आधारित होगा, जिसमें श्रमिक और निराश्रित बच्चों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ शिक्षा का प्रावधान किया जाएगा.

सीएम योगी ने विपक्ष के आरोपों को दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि सरकार छात्र-शिक्षक अनुपात को सुधारने और शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए कदम उठा रही है. उन्होंने शिक्षा मंत्री को निर्देश दिया कि वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडेय को अटल आवासीय विद्यालय का भ्रमण कराया जाए, ताकि वह इस बदलाव को नजदीक से देख सकें. सीएम के मुताबिक, छोटे स्कूलों को 1 किलोमीटर के दायरे में इंटीग्रेटेड कर बड़े और बेहतर कैंपस में बदला जा रहा है, जिससे छात्रों को सभी संसाधन एक ही जगह उपलब्ध हो सकें.

इंटीग्रेटेड कैंपस से होगा शिक्षा का स्तर ऊंचा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में इंटीग्रेटेड कैंपस बनाना सरकार की प्राथमिकता है. इससे छात्रों को एक ही परिसर में सभी कक्षाओं की पढ़ाई का अवसर मिलेगा. अटल आवासीय विद्यालय इसी का उदाहरण हैं, जहां श्रमिक और गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ आवास की सुविधा भी मिल रही है.

छोटे स्कूलों का होगा विलय, मिलेगी बेहतर सुविधाएं

सीएम ने स्पष्ट किया कि 50 से कम छात्र संख्या वाले और 1 किलोमीटर के दायरे में स्थित स्कूलों का इंटीग्रेशन किया जा रहा है. इसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है. इससे छात्र-शिक्षक अनुपात भी संतुलित रहेगा और बच्चों को बेहतर माहौल मिलेगा.

छात्र-शिक्षक अनुपात होगा बेहतर

सरकार ने तय किया है कि हर 22 छात्रों पर एक शिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा. जहां जरूरत होगी, वहां आयोग के माध्यम से नई भर्तियां कराई जाएंगी. इससे न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि शिक्षकों पर काम का बोझ भी कम होगा.

विपक्षी आरोपों पर सीएम का पलटवार

सीएम योगी ने कहा कि स्कूलों का इंटीग्रेशन सिर्फ यूपी में नहीं हो रहा है. हिमाचल, कर्नाटक और अन्य राज्यों में भी ऐसा किया गया, लेकिन वहां किसी ने विरोध नहीं किया. यूपी में इसका उद्देश्य बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा और सुविधाएं देना है, न कि स्कूल बंद करना.