उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य में लव जिहाद के खिलाफ नया कानून बनाने की तैयारी में हैं. साल 2020 में बने कानून में संशोधन के लिए बिल लाया गया है, जिस पर आज यानी मंगलवार को सदन में चर्चा हो सकती है. उत्तर प्रदेश विधि विरूद्ध संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2024 को सोमवार को सदन में पेश किया गया था. अब इस पर चर्चा की तैयारी है. संशोधित बिल में प्रावधान है कि लव जिहाद का आरोप सही साबित होने पर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है.
जानकारी के मुताबिक इस संशोधन विधेयक को 2 अगस्त को ध्वनिमत से पारित किया जा सकता है. सूत्रों के अनुसार सरकार ने इस कानून का दायरा इसलिए बढ़ाया है कि क्योंकि साल 2020 में बने नियम का ज्यादा असर नहीं दिख रहा है. ऐसे में इसके तहत कई चीजों को शामिल किया गया है और इसमें सजा के दायरे को भी बढ़ाया गया है. वहीं सिर्फ शादी के लिए धर्म परिवर्तन कराना अवैध माना जाएगा. वहीं झूठ बोलकर या फिर धोखा देकर धर्म परिवर्तन कराने को अपराध माना जाएगा. ऐसा होने पर आरोपियों के खिलाफ इसी कानून के तरह मुकदमा चलेगा.
अगर कोई अपने मन से धर्म बदलना चाहता है तो फिर मजिस्ट्रेट को इसकी जानकारी पहले ही देनी पड़ेगी. धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन कराने पर 15 हजार रुपये का फाइन और 1 से 5 साल तक की उम्र कैद का प्रावधान होगा. यदि एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं और नाबालिगों का धर्म परिवर्तन कराया जाता है तो 3 से 20 साल तक की सजा हो सकती है. इस बिल में कहा गया है कि यदि कोई अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करवाना चाहता है तो उसे दो महीने पहले डीएम को इसकी जानकारी दे देनी होगी साथ ही जरूरी पेपर भी देने होंगे और यदि इस नियम का पालन नहीं होता है तो उस शख्स पर 6 महीने से लेकर 3 साल तक की सजा हो सकती है.
इस तरह के मामलों में किसी की जमानत अर्जी पर विचार करने के लिए सरकारी वकील से इनपुट लेना होगा, इसके अलावा सजा इस आधार पर तय होगी कि महिला का स्टेटस क्या है. ऐसे में पहचान बदलकर शादी करना, छिपाकर धर्म बदलना, धर्म परिवर्तन के लिए फंडिंग, डर दिखाकर धर्म बदलने और बल प्रयोग से शादी करना लव जिहाद के नए कानून में अपराध माना गया है.