राम मंदिर से जुड़े कथित दान गड़बड़ी मामले में उत्तर प्रदेश के फैजाबाद बार एसोसिएशन ने सोमवार को अहम फैसला लिया. आम सभा की बैठक में तय किया गया कि इस मामले के आरोपियों की ओर से कोई भी वकील अदालत में पैरवी नहीं करेगा. यदि कोई सदस्य इस निर्णय का उल्लंघन करता है तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.
बार एसोसिएशन ने अपनाया सख्त रुख
बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने कहा कि मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए दान में कथित गड़बड़ी की खबरों ने लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है. इसी कारण सभी वकीलों ने एकमत से आरोपियों का पक्ष न लेने का फैसला किया. एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह स्पष्ट कहते दिखाई दे रहे हैं कि यदि कोई वकील आरोपियों की ओर से पेश होगा तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. इस घोषणा के बाद बैठक में मौजूद वकीलों ने इसका समर्थन किया.
बार एसोसिएशन ने केवल पैरवी से दूरी बनाने का फैसला ही नहीं लिया, बल्कि मामले की निष्पक्ष जांच की भी मांग उठाई है. एसोसिएशन का कहना है कि वह अदालत में आवेदन देकर चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करेगा. साथ ही पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की भी मांग की जाएगी. इसके लिए एसोसिएशन ने अलग से एक समिति भी बनाई है, जो आगे की कानूनी प्रक्रिया पर काम करेगी.
हाल के दिनों में राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर कथित गड़बड़ी के आरोपों ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है. विपक्षी नेताओं ने दान की राशि, सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुओं में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं. हालांकि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि श्रद्धालुओं का दान पूरी तरह सुरक्षित है और उसका पूरा रिकॉर्ड रखा गया है. ट्रस्ट ने इन आरोपों पर दुख और चिंता भी जताई है.
इस पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) की निगरानी में जारी है. अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान भी पुलिस दर्ज कर चुकी है. दूसरी ओर, इस मामले में जांच की मांग वाली याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा है कि इस पर गर्मी की छुट्टियों के बाद सुनवाई होगी. ऐसे में अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों और अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.