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Raebareli Dalit Murder Case: हरिओम वाल्मीकि के घर पहुंचे राहुल गांधी, परिजनों ने किया मिलने से इनकार; बताई ये वजह

Raebareli Dalit Murder Case: राहुल गांधी शुक्रवार को फतेहपुर पहुंचे ताकि हरिओम वाल्मीकि की हत्या के मामले में परिवार से मुलाकात कर सकें. हालांकि, परिवार ने स्पष्ट इनकार किया और कहा कि वे सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हैं और किसी राजनीतिक हस्तक्षेप की इच्छा नहीं रखते.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Raebareli Dalit Murder Case: हरिओम वाल्मीकि के घर पहुंचे राहुल गांधी, परिजनों ने किया मिलने से इनकार; बताई ये वजह
Courtesy: @RShivshankar X account

Raebareli Dalit Murder Case: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर पहुंचे, ताकि रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की हत्या के मामले में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सकें. हालांकि, हरिओम वाल्मीकि के परिवार ने राहुल गांधी से मिलने से साफ इनकार कर दिया और किसी भी राजनीतिक नेता से संपर्क नहीं करने की इच्छा जताई. परिवार का कहना है कि वे सरकार की कार्रवाई और सहायता से संतुष्ट हैं और इस मामले में किसी तरह की राजनीति नहीं चाहते.

रायबरेली में 2 अक्टूबर को हरिओम वाल्मीकि की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद प्रदेश सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद भी प्रदान की. मृतक के परिवार को न्याय और सहायता मिल चुकी है, और उन्हें सरकारी नौकरी जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं. ऐसे में परिवार ने किसी राजनीतिक हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं समझी.

सरकार की कार्रवाई से संतुष्टि 

हरिओम के छोटे भाई शिवम वाल्मीकि ने स्पष्ट किया कि उनके भाई की हत्या के मामले में उनकी संतुष्टि सरकार की कार्रवाई से पूरी हुई है. उन्होंने कहा कि उनके घर रायबरेली से दो कैबिनेट मंत्री भी आए और आवश्यक मदद प्रदान की. इसलिए, राहुल गांधी या किसी अन्य राजनीतिक दल के नेताओं का यहां आना परिवार के लिए अनावश्यक है. शिवम ने कहा कि वे किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देंगे और केवल न्याय एवं सुरक्षा चाहते हैं.

बहन की आउटसोर्स स्टाफ नर्स के रूप में हुई नियुक्त

फतेहपुर जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि मृतक की बहन कुसुम देवी को अमर शहीद जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियाव सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में आउटसोर्स स्टाफ नर्स के रूप में नियुक्त किया गया है. इससे परिवार को राहत और स्थायी रोजगार की गारंटी मिली है. राहुल गांधी के साथ प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी फतेहपुर पहुंचे थे लेकिन परिवार की इच्छा के चलते मुलाकात संभव नहीं हो पाई. इस घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं.