Prayagraj News: प्रयागराज के ट्रांस यमुना क्षेत्र स्थित एक प्राइवेट स्कूल में एक तीन साल के नर्सरी छात्र की शिक्षक द्वारा थप्पड़ मारने से मौत हो गई. यह घटना गुरुवार को हुई और अब इस मामले में नैनी पुलिस स्टेशन में दो शिक्षकों के खिलाफ बीएनएस (गंभीर अपराध) की धारा 105 के तहत FIR दर्ज की गई है.
मृतक बच्चे के परिवार का आरोप है कि शिक्षक ने न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी बच्चे को परेशान किया. परिवार का कहना है कि शिक्षक ने बच्चे को समय पर देखभाल और ध्यान नहीं दिया. घटना के दिन, जब बच्चा कक्षा में रो रहा था, एक शिक्षक उसे उसके बड़े भाई के क्लास में ले गए. जब शिक्षक ने बच्चे को वहां पहुंचाया, तो आरोप है कि उसे थप्पड़ मारा गया क्योंकि वह रो रहा था. फिर बच्चे का सिर बेंच से टकरा गया और कान-नाक से खून बहने लगा. पता चलने पर परिवार वाले अस्पताल लेकर गए और वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया.
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) अजय पाल ने मीडिया से कहा, 'हम सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और इसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. एक विस्तृत जांच से घटना की सटीक समयरेखा सामने आएगी.' परिवार के अनुसार, स्कूल प्रशासन ने बच्चे के पिता वीरेंद्र जायसवाल को सूचित किया कि उनका बेटा बीमार है, जिसके बाद वह स्कूल पहुंचे. बच्चे को तत्काल एसएन चिल्ड्रन अस्पताल और एसआरएन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
बच्चे का पोस्टमॉर्टम एक डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया गया और शरीर के अंगों को सुरक्षित रखा गया है. नैनी पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा, 'हमने परिवार और स्कूल के स्टाफ के बयान दर्ज कर लिए हैं.' यह घटना न केवल स्कूल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह बच्चों के लिए सुरक्षा मानकों की गंभीर आवश्यकता को भी सामने लाती है.