प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व का मौजूदा पर्यटन सत्र अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है. सात महीने तक पर्यटकों की आवाजाही से गुलजार रहे रिजर्व में मंगलवार शाम से जंगल सफारी बंद हो जाएगी. मानसून के मद्देनजर अब संरक्षण और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
पर्यटन सत्र के समापन से पहले टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली. सोमवार को सुबह से ही लोग जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए पहुंचे. देश के अलग-अलग हिस्सों से आए पर्यटकों ने घने जंगलों, हरियाली और शांत वातावरण के बीच यादगार समय बिताया. कई परिवारों और प्रकृति प्रेमियों ने इस मौके को अपने कैमरों में भी कैद किया.
इस पूरे पर्यटन सत्र के दौरान पर्यटकों को कई वन्यजीवों के दर्शन हुए. सफारी के दौरान बाघ, भालू, हिरन और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों को देखने का अवसर मिला. खासतौर पर बाघों की बेहतर साइटिंग ने पर्यटकों का उत्साह बढ़ाया. वन्यजीवों की मौजूदगी और प्राकृतिक वातावरण ने यहां आने वाले लोगों के अनुभव को और भी खास बना दिया.
पर्यटन सत्र समाप्त होने के बाद वन विभाग का ध्यान जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा पर केंद्रित रहेगा. बरसात के मौसम में कच्चे रास्तों की स्थिति प्रभावित होने की संभावना रहती है, इसलिए सफारी गतिविधियां रोक दी जाती हैं. इस दौरान प्राकृतिक आवासों के संरक्षण, जंगल के रखरखाव और वन्यजीवों के सुरक्षित वातावरण को बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्य किए जाएंगे.