उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र को आखिरकार मानसून का इंतजार खत्म होने की राहत मिल गई है. जून के अंतिम दिन मानसून के प्रवेश के साथ मौसम का मिजाज बदलने लगा है. वातावरण में नमी बढ़ी है और कई जिलों में बादल छाने से लोगों को तेज गर्मी से राहत महसूस हो रही है.
पूर्वांचल के मिर्जापुर, सोनभद्र, वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़ और प्रयागराज मंडलों में मानसूनी गतिविधियां शुरू हो गई हैं. कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि अन्य स्थानों पर बादलों का डेरा बना रहा. सुबह से ही मौसम का रुख बदला हुआ दिखाई दिया, जिससे तापमान में गिरावट और हीटवेव के प्रभाव में कमी आई. लोगों ने लंबे इंतजार के बाद मौसम में आई इस राहत का स्वागत किया.
आमतौर पर मानसून जून के तीसरे सप्ताह तक प्रदेश में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री करीब नौ दिन देर से हुई. मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने एक साथ कई क्षेत्रों में सक्रियता दिखाई है. पूर्वांचल से आगे बढ़ते हुए इसका प्रभाव उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश तक भी देखा गया. इससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अच्छी बारिश हो सकती है.
मानसून के आगमन से किसानों में उत्साह बढ़ गया है. खेतों की तैयारी और खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलने की उम्मीद है. मौसम विभाग का अनुमान है कि जल्द ही लखनऊ समेत मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मानसून सक्रिय होगा. बढ़ती नमी और पुरवा हवाओं के कारण बारिश की स्थितियां लगातार अनुकूल बन रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में मौसम और सुहावना हो सकता है.