Pradeep Mishra Katha: मेरठ में पं. प्रदीप मिश्रा की कथा दोपहर 1 बजे से शुरू हो चुकी थी, इस दिन करीब 1 लाख लोग उपस्थित थे. जैसे ही कथा शुरू हुई, लोग जल्दी-जल्दी पंडाल में प्रवेश करने के लिए उमड़े और बाउंसर्स ने भीड़ के बढ़ने पर एंट्री को नियंत्रित करने के लिए उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन इससे भगदड़ मच गई. इस हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है. मौके पर बचाव एवं राहत कार्य जारी है.
शताब्दी नगर में हो रही इस कथा में रोजाना लगभग डेढ़ लाख लोग आ रहे हैं, जिनमें कई वीआईपी भी शामिल होते हैं. शुक्रवार को कथा के दौरान दो बार भगदड़ मचने की सूचना है. पहली भगदड़ सुबह 9:30 बजे तब हुई, जब लोग वीआईपी पास के लिए जुटे थे, लेकिन इस घटना को जल्द ही काबू कर लिया गया.
कथा के आखिरी दिन मची भगदड़
कथा के दौरान पुलिस और श्रद्धालुओं के बीच कुछ झड़प भी हुई और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया. श्री केदारेश्वर सेवा समिति की ओर से 15 दिसंबर से 21 दिसंबर तक शताब्दी नगर में शिव महापुराण की कथा आयोजित की जा रही है. सीहोर के कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा प्रवचन दे रहे हैं. कथा का समय दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक है.
यहां 7 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं और सुरक्षा के लिए 1000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. पंडाल और आसपास 5000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है. इसके अलावा एक मिनी अस्पताल, स्वच्छ जल, भोजन और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं.
ट्रैफिक डायवर्जन लागू
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था को भी बदल दिया गया है. एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र मिश्रा ने बताया कि सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है. हापुड़ से आने वाले भारी वाहन, खरखौदा तिराहा से मोहिउद्दीनपुर होते हुए दिल्ली-देहरादून हाईवे से बागपत रोड फ्लाईओवर के नीचे होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर भेजे जा रहे हैं. वहीं, ट्रांसपोर्ट नगर और शहर से आने वाले भारी वाहन शाप्रिक्स मॉल से बिजली बंबा बाईपास होते हुए हापुड़ रोड की ओर मोड़े जा रहे हैं.
हाथरस में भी हुआ था बड़ा हादसा
इससे पहले, 2 जुलाई को हाथरस में भोले बाबा के सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 123 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. इस हादसे के बाद पुलिस ने मुख्य आयोजक देव प्रकाश मधुकर और 10 अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया था.