नोएडा: यूपी की हाईटेक सिटी नोएडा में 27 वर्षीय युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. निर्माणाधीन मॉल के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में एसयूवी गिरने से हुई इस घटना ने बिल्डर की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस ने Wishtown Planners Pvt Ltd के एक मालिक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है.
यह हादसा नोएडा के सेक्टर 150 में हुआ, जहां युवराज मेहता की एसयूवी अचानक एक गहरे गड्ढे में गिर गई. यह करीब 20 फीट गहरा गड्ढा मॉल के बेसमेंट निर्माण के लिए खोदा गया था. गड्ढा कई वर्षों से पानी से भरा हुआ था. कार गिरते ही युवराज बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
जांच में सामने आया कि यह गड्ढा वर्ष 2021 में खोदा गया था, लेकिन 2022 के बाद से इसमें लगातार पानी भरा रहा. न तो इसे ढका गया और न ही आसपास कोई चेतावनी संकेत लगाए गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढे की शिकायतें पहले भी की गई थीं, लेकिन बिल्डर और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
नोएडा पुलिस ने Wishtown Planners Pvt Ltd के मालिक अभय कुमार को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार कंपनी के दूसरे मालिक मनीष कुमार फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है. पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी युवराज के पिता की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर के बाद की गई है.
इस मामले में Lotus Greens का कहना है कि उन्होंने यह परियोजना वर्ष 2019-2020 में Wishtown Planners और गृहप्रवेश ग्रुप को नोएडा प्राधिकरण की अनुमति से बेच दी थी. इसके बाद निर्माण और सुरक्षा की जिम्मेदारी नई कंपनियों की थी. पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके.
हादसे के बाद प्रशासन पर भी सवाल उठे हैं. पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि लंबे समय तक खुले और खतरनाक गड्ढे को लेकर संबंधित विभागों ने कार्रवाई क्यों नहीं की. युवराज की मौत ने निर्माण स्थलों की सुरक्षा पर गंभीर बहस छेड़ दी है.