आगरा: केरल के कोच्चि में सदर्न नेवल कमांड में तैनात एक इंडियन नेवी अधिकारी को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोपी की पहचान लांस नायक आदर्श कुमार उर्फ लकी के तौर पर हुई है, जो उत्तर प्रदेश के आगरा का रहने वाला है.
उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड यानी ATS के मुताबिक खुफिया जानकारी से पता चला कि एक व्यक्ति पाकिस्तान के एक ISI एजेंट के संपर्क में था और भारत के खिलाफ जासूसी गतिविधियों में शामिल था. इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, UP ATS ने इलेक्ट्रॉनिक और फिजिकल सर्विलांस के जरिए केस को आगे बढ़ाया.
Adarsh Kumar (24) alias Lucky, a resident of Agra, has been arrested by UP ATS for spying for Pakistan's ISI agents.
— Waquar Hasan (@WaqarHasan1231) March 10, 2026
Ye log sudharne wale nhi hai. pic.twitter.com/udjfoBvEHI
जांच के दौरान बलवीर सिंह के बेटे आदर्श कुमार का नाम सामने आया. वह इंडियन नेवी में लांस नायक के तौर पर काम कर रहे थे और कोच्चि में सदर्न नेवल कमांड में पोस्टेड थे.
जांचकर्ता को ऐसे सबूत मिले जिनसे पता चलता है कि आदर्श कुमार ने पाकिस्तान-बेस्ड ISI ऑपरेटिव से कॉन्टैक्ट बनाया था. यह भी पता चला कि उसने अपने बैंक अकाउंट से ISI एजेंट को पैसे ट्रांसफर किए थे और कथित तौर पर स्ट्रेटेजिक रूप से सेंसिटिव नेवल एसेट्स, जिसमें वॉरशिप्स भी शामिल हैं, की तस्वीरें शेयर की थीं.
जांच पड़ताल के दौरान इन बातों की पुष्टि होने के बाद और एंटी-नेशनल एक्टिविटीज में उनके कथित भागीदारी और पाकिस्तान-बेस्ड इंटेलिजेंस नेटवर्क के साथ क्रिमिनल लिंक्स के कारण, UP ATS ने उन्हें 10 मार्च को अरेस्ट कर लिया. अरेस्ट के बाद उन्हें कम्पेटिएंट कोर्ट के सामने पेश किया गया, जिसने लीगल प्रोसीजर के अनुसार उन्हें ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया.
पाकिस्तान की मेन इंटेलिजेंस एजेंसी, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI), लंबे समय से उन मिलिटेंट ग्रुप्स को सपोर्ट कर रही है जो भारतीय हितों के खिलाफ काम करते हैं. ISI ने पहले भी जम्मू और कश्मीर जैसे इलाकों में हमलों में शामिल ऑर्गनाइजेशन्स को फंडिंग, ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक हेल्प दी है.
यह मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का एक बड़ा कारण बना हुआ है, खासकर 2008 के मुंबई हमलों जैसी बड़ी घटनाओं के बाद, जिसमें एजेंसी ने अहम भूमिका निभाई थी.
शेख हसीना को हटाने के बाद पूर्वी मोर्चे से भारत में अशांति पैदा करने के लिए ISI बांग्लादेश में भी काफी एक्टिव हो गई. पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी ISI के डायरेक्टर जनरल ऑफ एनालिसिस मेजर जनरल शाहिद आमिर अफसर और कुछ दूसरे अधिकारियों ने जनवरी में बांग्लादेश का दौरा किया था.