नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रम लाइसेंस, 45 दिन के अंदर शुरू होंगी उड़ानें
नोएडा इंटरनेशनल से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया है, जिसके बाद अब इसके उद्घाटन का रास्ता साफ हो गया है. नियमों के अनुसार लाइसेंस मिलने के करीब 45 दिनों के भीतर घरेलू और कार्गो उड़ानें शुरू की जा सकती हैं.
नोएडा इंटरनेशनल से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया है, जिसके बाद अब इसके उद्घाटन का रास्ता साफ हो गया है. नियमों के अनुसार लाइसेंस मिलने के करीब 45 दिनों के भीतर घरेलू और कार्गो उड़ानें शुरू की जा सकती हैं.
सुरक्षा मंजूरी के बाद होगी आधिकारिक घोषणा
फिलहाल एयरपोर्ट का एयरोड्रम सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) अंतिम मंजूरी के लिए बीसीएएस के पास भेजा गया है. जैसे ही इस सुरक्षा योजना को मंजूरी मिल जाएगी, उसके बाद उद्घाटन की तारीख, उड़ानों का समय और टिकट बिक्री की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी. इसके बाद यात्री टिकट बुक कर सकेंगे.
कई एयरलाइंस ने दिखाई रुचि
एयरपोर्ट से उड़ान शुरू करने के लिए कई एयरलाइंस ने रुचि दिखाई है. इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने यहां से उड़ान संचालन की पुष्टि कर दी है. इसके अलावा कुछ अन्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के साथ भी बातचीत चल रही है. माना जा रहा है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों को कई नए विकल्प मिलेंगे.
पहले चरण में 10 शहरों के लिए उड़ान
शुरुआती चरण में करीब 10 शहरों के लिए घरेलू उड़ानें शुरू की जा सकती हैं. इनमें वाराणसी, लखनऊ, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, चेन्नई, पटना और श्रीनगर जैसे शहर शामिल हो सकते हैं. इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों के लोगों को हवाई यात्रा में काफी सुविधा मिलेगी.
दिसंबर 2024 में हुआ था सफल ट्रायल
दिसंबर 2024 में इस एयरपोर्ट पर इंडिगो के एयरबस A320 विमान की सफल वैलिडेशन फ्लाइट कराई गई थी. इस दौरान रनवे, नेविगेशन सिस्टम और एयर ट्रैफिक कंट्रोल जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की गई थी. ट्रायल सफल रहने के बाद एयरपोर्ट के संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई.
रोजाना 150 उड़ानों का लक्ष्य
अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यहां से रोजाना करीब 150 उड़ानों का संचालन हो सकता है. इससे क्षेत्र में यात्रा और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
किसानों को भी मिलेगा फायदा
एयरपोर्ट से मिडिल ईस्ट के देशों के लिए कार्गो सेवा भी शुरू करने की योजना है. इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के फल और सब्जी उगाने वाले किसानों को अपने उत्पाद विदेश भेजने में आसानी होगी. जेवर से मिडिल ईस्ट तक माल लगभग चार घंटे में पहुंचाया जा सकेगा.
सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता
अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट के पहले चरण में तैयार ढांचा सालाना करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है. टर्मिनल बिल्डिंग, रनवे और अन्य जरूरी सुविधाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं. एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ को दी गई है.