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मुरादाबाद में 1250 हेक्टेयर में बसने जा रहा नया शहर, शिवालिक योजना फेज-2 से बदलेंगे तीन गांवों के हालात

मुरादाबाद विकास प्राधिकरण दिल्ली रोड पर शिवालिक योजना फेज-2 को विकसित करने की तैयारी में है. करीब 1250 हेक्टेयर भूमि पर बनने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना से रसूलपुर सुनवती, डिंडोरा और डिंडौरी गांव शहरी विकास की नई तस्वीर पेश कर सकते हैं.

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Edited By: Shanu Sharma
मुरादाबाद में 1250 हेक्टेयर में बसने जा रहा नया शहर, शिवालिक योजना फेज-2 से बदलेंगे तीन गांवों के हालात
Courtesy: AI

मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने दिल्ली रोड स्थित अपनी महत्वाकांक्षी शिवालिक योजना के दूसरे चरण को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है. इस परियोजना के तहत रसूलपुर सुनवती, डिंडोरा और डिंडौरी गांवों की लगभग 1250 हेक्टेयर भूमि को विकसित किया जाएगा. 

प्राधिकरण का कहना है कि इस योजना से न केवल शहर का विस्तार होगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक सुविधाओं का विकास होगा. पहले चरण को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद अब दूसरे चरण का दायरा और अधिक बढ़ाया गया है.

आधुनिक सुविधाओं से बदलेगी गांवों की तस्वीर

योजना पूरी होने के बाद इन गांवों में बड़े पैमाने पर शहरी सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है. प्रस्ताव के अनुसार आधुनिक आवासीय सेक्टर बनाए जाएंगे, चौड़ी सड़कें तैयार होंगी और बेहतर यातायात व्यवस्था विकसित की जाएगी. इसके साथ ही पार्क, हरित क्षेत्र, पेयजल, सीवर, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा. भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है. इससे यह इलाका ग्रामीण स्वरूप से निकलकर शहर के विकसित हिस्से के रूप में उभर सकता है.

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया होगी चरणबद्ध

एमडीए के अनुसार अब तक करीब 120 हेक्टेयर भूमि किसानों की सहमति से खरीदी जा चुकी है और उसकी रजिस्ट्री भी प्राधिकरण के नाम हो चुकी है. शेष भूमि के लिए भूमि अर्जन अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी. शुरुआत में डिंडोरा और डिंडौरी गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. इस प्रक्रिया में सबसे पहले किसानों की सूची तैयार होगी, फिर खसरा-खतौनी का सत्यापन किया जाएगा.

इसके बाद सर्किल रेट के आधार पर संभावित मुआवजे का आकलन होगा और प्रारंभिक अधिसूचना जारी की जाएगी. यदि किसी किसान को अधिग्रहण या मुआवजे पर आपत्ति होगी तो उसे नियमानुसार अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा. इसके बाद सभी प्रस्ताव को शासन को भेजा जाएगा. प्राधिकरण का कहना है कि अधिकांश किसान इस परियोजना के पक्ष में हैं. कई किसानों ने अपनी जमीन देने की सहमति भी दे दी है और उन्हें मुआवजा मिलने की प्रक्रिया जारी है. एमडीए ने भरोसा दिलाया है कि पूरी अधिग्रहण प्रक्रिया कानून के अनुसार पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी.