लखनऊ के KGMU (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) में एक बार फिर लापरवाही सामने आई है. बुधवार को शताब्दी फेज-2 के नौवें माले पर एक लिफ्ट में मरीज समेत पांच लोग करीब 45 मिनट तक फंसे रहे. जब लिफ्ट का दरवाजा नहीं खुला, तो तीमारदारों ने दरवाजा पीटना शुरू किया और अंततः 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाना पड़ा. फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला. इस दौरान मरीज की हालत भी बिगड़ने लगी थी.
बिहार से आए धनंजय गुप्ता अपने रिश्तेदार प्रमोद कुमार रंजन को दिखाने के लिए KGMU पहुंचे थे. बुधवार सुबह करीब 8 बजे उन्हें इंडोस्कोपी के लिए पांचवीं मंजिल पर जाना था, लेकिन लिफ्ट उन्हें सीधे 9वीं मंजिल पर ले गई और वहीं रुक गई. नौवीं मंजिल पर कोई विभाग न होने के कारण वहां कोई मौजूद नहीं था जो मदद कर सके.
लिफ्ट में फंसे लोगों ने पहले दरवाजा पीटा, फिर अलार्म भी बजाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. आखिरकार धनंजय ने 112 पर कॉल किया. इसके बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने पहुंचकर लिफ्ट खोली और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला. फंसे हुए लोगों ने बताया कि लिफ्ट में घुटन और गर्मी के कारण मरीज की तबीयत बिगड़ने लगी थी. वहीं वीडियो में एक छोटा बच्चा भी रोते हुए दिख रहा है.
Inside the lift of King Gorge's Medical University, UP's biggest government-run university hospital. Stuck people tried calling the 9-digit mobile number of the incharge. pic.twitter.com/IdHs8i9Xlc
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) August 7, 2025
KGMU प्रशासन ने बयान जारी करते हुए कहा कि लिफ्ट में लगा अलार्म सिस्टम काम कर रहा था, लेकिन हो सकता है कि लोग उसे ठीक से चला नहीं पाए हों. सीएमएस ने बताया कि सूचना मिलते ही तुरंत रेस्क्यू किया गया और सभी को सकुशल बाहर निकाला गया.
इस घटना ने KGMU की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ऐसे हालात में मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंताएं सामने आई हैं.