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रामलीला में हिंदू बनकर मुस्लिमों की एंट्री की कोशिश, यति नरसिंहानंद का बयान; डासना में आखिर क्या हुआ?

Muslims Arrested In Ghaziabad: गाजियाबाद का डासना एक बार फिर चर्चा में है. दरअसल, डासना मंदिर के बाहर शुक्रवार की रात एक विशेष समुदाय के हजारों लोगों की भीड़ जुट गई. दावा किया जा रहा है कि इस दौरान पथराव भी किया गया और भड़काऊ नारेबाजी भी हुई. कहा जा रहा है कि यहां रामलीला में हिंदू बनकर मुस्लिम युवकों की ओर से एंट्री की कोशिश करने और यति नरसिंहानंद के भड़काऊ बयान के बाद स्थिति बिगड़ी.

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रामलीला में हिंदू बनकर मुस्लिमों की एंट्री की कोशिश, यति नरसिंहानंद का बयान; डासना में आखिर क्या हुआ?
Courtesy: X Post

Muslims Arrested In Ghaziabad: गाजियाबाद के ऐतिहासिक डासना देवी मंदिर के बाहर गुरुवार की रात हजारों की संख्या में एक धर्म विशेष के लोगों की भीड़ जुट गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान पत्थरबाजी की और भड़काऊ नारे लगाए गए. महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के नेतृत्व में जाने जाने वाले इस मंदिर को कई मुद्दों पर अपने विवादास्पद रुख के कारण बार-बार हमलों का सामना करना पड़ा है.

सवाल उठता है कि आखिर भारी संख्या में भीड़ मंदिर के बाहर क्यों जुटी थी. दरअसल, इसी से जुड़ी एक घटना में डासना मंदिर के पास रामलीला में हिंदू बनकर तीन मुस्लिम युवकों ने एंट्री की कोशिश की थी. उन्होंने अपने बदले नाम बताए थे और कहा था कि हमें सीता, लक्ष्मण और कैकेयी बनना है.

तीनों की असली पहचान के बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

हालांकि, तीनों की असली पहचान सामने आने के बाद पुलिस ने  मंदिर में प्रवेश पाने के लिए हिंदू नाम का इस्तेमाल करने के आरोप में तीन मुस्लिम लड़कों को गिरफ्तार कर लिया. सीनियर पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तीनों का इरादा मंदिर परिसर में आयोजित रामलीला कार्यक्रम में एक्टिंग करने का था. 

पुलिस ने बताया कि तीनों व्यक्ति पहले भी विभिन्न रामलीलाओं में अभिनय करते रहे हैं और 2 अक्टूबर को रामलीला में भूमिका निभाने के लिए डासना मंदिर पहुंचे थे. अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में गाजियाबाद पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए 3 अक्टूबर को वेव सिटी थाने में प्राथमिकी दर्ज की थी.

पुलिस ने तीनों व्यक्तियों की पहचान राहुल, नानक और वजीर खान के रूप में की है, जो सभी मथुरा जिले के निवासी हैं. वेव सिटी की सहायक पुलिस आयुक्त लिपी नगायच ने बताया कि जांच के दौरान मंदिर में ड्यूटी पर मौजूद पुलिस ने पाया कि तीनों लोग हिंदू नामों से आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे, हालांकि वे मुस्लिम हैं. जांच के बाद, तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर धोखाधड़ी करने और पूजा स्थल को अपवित्र करने का मामला दर्ज किया गया. 

अब यति नरसिंहानंद से जुड़ा मामला जान लेते हैं

जिस दिन धर्म विशेष के लोगों ने मंदिर के बाहर जुटकर नारेबाजी की, उसी दिन पुलिस ने यति नरसिंहानंद के खिलाफ 29 सितंबर को गाजियाबाद के लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मामला दर्ज किया.

पुलिस उपनिरीक्षक त्रिवेंद्र सिंह सिंह की शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 302 (किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. सिहानी गेट पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर सचिन कुमार ने कहा कि हमने अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने कथित नफरत भरे भाषण के एक वीडियो का संज्ञान लिया है जो तब से वायरल हो रहा है.

उन्होंने कहा कि कथित वीडियो की जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी. यह भाषण कथित तौर पर मेजर आशाराम व्याघ्र सेवा संस्थान की ओर से डासना मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया गया था, जहां वे मुख्य पुजारी हैं. नरसिंहानंद, जिनके खिलाफ कई मामले हैं, को 2022 में भड़काऊ भाषण मामले में गिरफ्तार किया गया था.