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बहन को बचाने दौड़ी तो दोनों की गई जान! यूपी में रेलवे ट्रैक पर दिल दहला देने वाला हादसा

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है. दरअसल, रेलवे ट्रैक पार करते समय दो जुड़वा बहनों की मौके पर ही मौत हो गई.

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बहन को बचाने दौड़ी तो दोनों की गई जान! यूपी में रेलवे ट्रैक पर दिल दहला देने वाला हादसा
Courtesy: X

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ. दो सगी बहनें रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान ट्रेन की चपेट में आ गईं और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. यह घटना भोजपुर थाना क्षेत्र के बीजना चकबेगमपुर इलाके में हुई. 

दोनों बहनें खेत से घर लौट रही थीं, जहां घर पहुंचने के लिए रेलवे ट्रैक को पार करना पड़ता था. ऐसे में अचानक से ट्रेन आ गई और दोनों बहनों की मौके पर ही मौत हो गई.

हादसे का विवरण

बहनें कशिश (18 साल) और तनिष्का (15 साल) बीजना गांव की रहने वाली थीं. वे पिता यशपाल सिंह की बेटियां थीं. रोज की तरह वे खेत गई थीं साग तोड़ने. लौटते समय उन्हें रेलवे ट्रैक पार करना पड़ा. 

गवाहों के अनुसार दोनों बातें करते हुए ट्रैक पर चल रही थीं. अचानक मुरादाबाद से रामनगर जा रही पैसेंजर ट्रेन तेजी से आ गई. एक बहन थोड़ी पीछे रह गई. दूसरी को बचाने की कोशिश में दोनों ट्रेन के नीचे आ गईं. हादसा दोपहर करीब ढाई बजे हुआ.

परिवार और गांव पर असर

इस हादसे से परिवार में गहरा सदमा लगा. मां धर्मावती और अन्य परिजन सदमे में हैं. कशिश इंटर की छात्रा थी, जबकि तनिष्का नौवीं कक्षा में पढ़ती थी. घर में चार बच्चे थे अब दो बेटियों का जाना पूरे परिवार को तोड़ गया. 

खबर फैलते ही गांव और आसपास के लोग घटना स्थल पर इकट्ठा हो गए. रोने-चिल्लाने की आवाजें गूंज रही थीं. पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई.

पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलते ही जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. थाना प्रभारी संजय कुमार ने घटनास्थल का मुआयना किया. दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि इस ट्रैक पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं. यहां खतरा हमेशा बना रहता है. वे रेलवे फाटक अंडरपास और बेहतर सुरक्षा की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं न हों. दोनों बहनों का आपस में गहरा प्यार था. वे हमेशा साथ रहती थीं. दुख की इस घड़ी में गांव वाले परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं.