लखनऊ: जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा में धार्मिक माहौल के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रज क्षेत्र के विकास को लेकर बड़ा संकेत दिया है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने कहा कि अयोध्या और काशी की तरह मथुरा-वृंदावन में भी भव्य मंदिर परिसर तैयार करने का प्रयास किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने भगवान कृष्ण की शिक्षाओं को आज भी प्रासंगिक बताया और कहा कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं ने लंबे समय की चुनौतियों के बावजूद अपनी पहचान कायम रखी है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस तरह अयोध्या धाम में भव्य मंदिर परिसर तैयार किया गया है, उसी तरह मथुरा-वृंदावन में भी बड़े धार्मिक परिसर विकसित करने की कोशिश होगी. उन्होंने काशी में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया. मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब जन्माष्टमी के कारण मथुरा और आसपास के ब्रज क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं.
मुख्यमंत्री ने भगवान कृष्ण की शिक्षाओं को हजारों साल बाद भी समाज के लिए प्रासंगिक बताया. उन्होंने ‘परित्राणाय साधूनाम, विनाशाय च दुष्कृताम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि अच्छाई की रक्षा और बुराई के विनाश का संदेश आज भी लोगों को दिशा देता है. योगी ने कहा कि समाज में अशांति फैलाने और देश की एकता, अखंडता या आस्था को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों के बारे में धार्मिक ग्रंथों में पहले ही संदेश दिया गया है.
योगी आदित्यनाथ ने भारत की सांस्कृतिक परंपरा की मजबूती पर भी बात की. उन्होंने कहा कि इतिहास में कई बार भारत पर आक्रमण हुए और यहां की मूल आस्थाओं को दबाने की कोशिश की गई, लेकिन सनातन धर्म की परंपरा बनी रही. मुख्यमंत्री के मुताबिक, ऐसी कोशिश करने वाले लोग समय के साथ इतिहास से गायब हो गए, जबकि कृष्ण और राधा की स्मृति आज भी ब्रज सहित पूरे देश में लोगों को प्रेरित करती है.
भगवान कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में जन्माष्टमी के अवसर पर खास रौनक देखने को मिली. शहर के मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया गया. श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं. इसी माहौल के बीच मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और ब्रज की धार्मिक विरासत से जुड़े विकास की दिशा में सरकार की सोच सामने रखी.
मथुरा-वृंदावन के विकास को अयोध्या और काशी के मॉडल से जोड़ना योगी आदित्यनाथ के लिए नया राजनीतिक मुद्दा नहीं है. वह पहले भी कई मौकों पर ब्रज क्षेत्र के धार्मिक विकास की बात कर चुके हैं. 2021-22 के दौरान भी उन्होंने राम मंदिर और काशी विश्वनाथ परियोजनाओं के संदर्भ में मथुरा-वृंदावन के विकास का उल्लेख किया था. अब जन्माष्टमी के मौके पर उनके ताजा बयान से इस दिशा में सरकार की प्राथमिकता फिर सामने आई है.