फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में पारिवारिक विवाद ने बुधवार रात खूनी रूप ले लिया. ओंग थाना क्षेत्र के बीकमपुर गांव में एक दामाद ने अपनी ससुराल में सो रहे पांच लोगों पर तलवार से जानलेवा हमला कर दिया. अचानक हुए हमले में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. वारदात के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी को घेर लिया. इसी दौरान हुई मारपीट में आरोपी की मौत हो गई. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
मृतक की पहचान पवन कुमार के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि उसका पत्नी से करीब चार साल से विवाद चल रहा था. पत्नी बच्चों को लेकर गुजरात चली गई थी. आरोप है कि पवन को बच्चों से बात करने का मौका नहीं मिल रहा था. इसी वजह से वह मानसिक तनाव में रहता था.
मृतक पवन के पिता राम सजीवन के अनुसार, बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे पवन घर से निकला था. वह करीब आठ बजे वापस लौटा और केवल 15 मिनट घर पर रुका. पिता ने बताया कि वह काफी घबराया हुआ था. हाथ जोड़कर पूछने के बावजूद उसने कुछ नहीं बताया.
बताया गया कि शाम करीब पांच बजे पवन अपने 55 वर्षीय बड़े साले राजू को बेटे की शादी के लिए लड़की दिखाने के बहाने साथ लेकर गया था. कुछ घंटे बाद पवन अकेला लौटा. परिवार ने राजू के बारे में पूछा तो उसने बताया कि राजू गांव में ही हैं.
इसके बाद पवन अपनी ससुराल पहुंचा, वहां खाना खाया और सो गया. रात करीब दो बजे उसने कथित तौर पर तलवार से सो रहे तीन लोगों गोरे, प्रदीप और खाटू उर्फ राजकरन पर हमला कर दिया. तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए.
हमले के दौरान चीख पुकार सुनकर छोटे साले राजेश और उसकी पत्नी बुद्धा मौके पर पहुंचे. आरोप है कि पवन ने उन दोनों पर भी तलवार से वार कर दिया. इस हमले में पांचों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी को घेर लिया.
पुलिस के मुताबिक, ग्रामीण और घायल परिजन आरोपी से हथियार छीनने और खुद को बचाने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान पवन गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई.
फतेहपुर के एसपी अभिमन्यु मांगलिक के अनुसार, पुलिस को रात करीब 3:15 बजे घटना की सूचना मिली. पुलिस मौके पर पहुंची तो पवन मृत मिला, जबकि पांच परिजन घायल अवस्था में मिले. सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज फतेहपुर ले जाया गया, जहां से उन्हें गंभीर हालत में कानपुर रेफर कर दिया गया.
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. वारदात के बाद से पवन के बड़े साले राजू का पता नहीं चल पाया है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि राजू घटना के समय कहां था और पूरे विवाद की शुरुआत किस तरह हुई.