शादी के बाद बेटियों को राशन कार्ड से जुड़ी परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए उत्तर प्रदेश के पूर्ति विभाग ने एक अहम व्यवस्था लागू की है. अब विवाहित बेटियों को मायके का राशन कार्ड कटवाने और ससुराल में नया नाम जुड़वाने की जरूरत नहीं होगी. शादी के बाद उनका राशन सीधे ससुराल की कोटा दुकान से मिलने लगेगा.
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाला राशन अब शादी के बाद बेटियों के ससुराल के राशन कार्ड में जोड़ दिया जाएगा . पूर्ति विभाग उनका हिस्सा मायके के कार्ड से हटाकर ससुराल के कार्ड में स्थानांतरित कर देगा. इससे गरीब परिवारों को राशन पाने में कोई रुकावट नहीं आएगी.
अब तक शादी के बाद बेटियों को मायके की कोटा दुकान से नाम कटवाने और ससुराल की दुकान पर जोड़वाने में काफी समय और परेशानी झेलनी पड़ती थी. लाभार्थी का डाटा नेशनल और स्टेट डाटा सेंटर तक जाता था, जिसमें 45 से 90 दिन तक लग जाते थे. कई बार तकनीकी कारणों से नाम डुप्लीकेट हो जाता था, जिससे राशन मिलना बंद हो जाता था.
अब पूर्ति विभाग ने इस समस्या का समाधान ऑनलाइन स्थानांतरण सुविधा के जरिए किया है. मायके और ससुराल, दोनों पक्षों के राशन कार्ड को पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में दिखाने के बाद विवाहिता का नाम ससुराल के राशन कार्ड में जोड़ दिया जाता है. इससे उसे तुरंत राशन का लाभ मिल जाता है.
निचलौल और अन्य ब्लॉकों में इस व्यवस्था का लाभ कई महिलाओं को मिल चुका है. उदाहरण के तौर पर लोड़िया की अन्नू, सोनम मौर्य और गुलशन जैसी महिलाओं का नाम शादी के बाद उनके ससुराल के राशन कार्ड में जोड़ा गया है.
पूर्ति निरीक्षक इंद्रभान सिंह के अनुसार, यह सुविधा सिर्फ विवाहिता के लिए है और इसका मकसद यही है कि शादी के बाद किसी भी बेटी को राशन से वंचित न रहना पड़े.