नई दिल्ली: मकर संक्रांति के पावन पर्व पर पूरे देश में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है. ठंड की परवाह किए बिना लाखों श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य अर्जित करने के लिए तीर्थ स्थलों पर पहुंच रहे हैं. प्रयागराज, हरिद्वार और गंगासागर जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है.
माघ मेला 2026 के तहत प्रयागराज के संगम तट पर विशेष स्नान का आयोजन किया गया है. प्रशासन के अनुसार, बुधवार शाम तक 85 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके थे. गुरुवार को मुख्य स्नान पर्व के दिन यह संख्या 1.5 करोड़ तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है.
प्रयागराज के संगम तट पर गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के मिलन स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है. बुधवार आधी रात से ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया था. सुबह होते-होते घाटों पर पैर रखने की जगह नहीं बची. श्रद्धालुओं का कहना है कि संगम में स्नान कर उन्हें आध्यात्मिक शांति और नई ऊर्जा का अनुभव हो रहा है.
#WATCH | Prayagraj, UP: A large number of devotees arrive at the Sangam Ghat and take a holy dip on the occasion of Makar Sankranti 2026. pic.twitter.com/3rqrw0lajw
— ANI (@ANI) January 15, 2026Also Read
#WATCH | Varanasi, UP: A large number of devotees gather at Ganga Ghat to take a holy dip on the occasion of the Makar Sankranti. pic.twitter.com/KFXBuXeH6N
— ANI (@ANI) January 15, 2026
भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रयागराज प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं. 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी और सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं. 42 अस्थायी पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है, जहां एक लाख से अधिक वाहन खड़े किए जा सकते हैं. जगह-जगह चिकित्सा शिविर और भंडारे भी लगाए गए हैं.
उत्तराखंड के हरिद्वार में हर की पैड़ी पर भी मकर संक्रांति के अवसर पर भक्तों की भारी भीड़ देखी गई. वहीं पश्चिम बंगाल के गंगासागर में गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम पर हजारों श्रद्धालुओं ने परंपरा के अनुसार पवित्र स्नान किया. सभी तीर्थ स्थलों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें और सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर रहे.
#WATCH | Prayagraj, UP: Drone visuals from the Magh Mela at the Triveni Sangam in Prayagraj. pic.twitter.com/HY4j9DCPUH
— ANI (@ANI) January 15, 2026
माघ मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, पेयजल और यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है. श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी शौचालय, विश्राम स्थल और सूचना केंद्र बनाए गए हैं. प्रशासन का दावा है कि इस बार सुविधाओं को पहले से अधिक बेहतर बनाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो.
हिमाचल प्रदेश के तत्तापानी में सतलुज नदी के किनारे दुर्गा देवी बिहारी लाल बिरोचन लाल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से 97 साल पुरानी खिचड़ी भंडारा परंपरा निभाई गई. यहां करीब 3,000 श्रद्धालुओं को घी वाली खिचड़ी परोसी गई. साथ ही एक मुफ्त आयुर्वेद स्वास्थ्य शिविर में 100 मरीजों की जांच कर दवाइयां दी गईं.