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India Daily

अमेरिका-ईरान युद्ध का भारतीय बाजार पर दिखा असर, सेंसेक्स 1710 अंक लुढ़का, निफ्टी 477 अंक गिरा

4 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स 1,710 अंक लुढ़ककर 78,529 पर खुला, निफ्टी 477 अंक गिरकर 24,389 के नीचे. अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की तेजी से वैश्विक बाजार प्रभावित हुआ है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
अमेरिका-ईरान युद्ध का भारतीय बाजार पर दिखा असर, सेंसेक्स 1710 अंक लुढ़का, निफ्टी 477 अंक गिरा
Courtesy: grok

मुंबई स्टॉक एक्सचेंज आज सुबह से ही लाल निशान में खुल गया. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के खतरे ने कच्चे तेल की कीमतों को 19 महीने की ऊंचाई पर पहुंचा दिया, जिससे वैश्विक बाजारों में हड़कंप मच गया. सेंसेक्स 1,710 अंक टूटकर 78,529 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 477 अंक गिरकर 24,389 के नीचे चला गया. पिछले सत्र में सेंसेक्स 80,239 और निफ्टी 24,866 पर बंद हुआ था. मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1.7 प्रतिशत से ज्यादा गिरे. निवेशकों में डर का माहौल है और बिकवाली का दबाव बढ़ता जा रहा है.

बाजार की शुरुआत में भारी बिकवाली

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से सिर्फ बीईएल, इंफोसिस और टीसीएस हरे निशान में खुले, बीईएल 1.07 प्रतिशत चढ़ा. वहीं लार्सन एंड टुब्रो 5.84 प्रतिशत टूटा. इंडिगो, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील और अदानी पोर्ट्स जैसे प्रमुख शेयर भी भारी गिरावट में रहे. एनएसई पर शुरुआती कारोबार में 2,211 शेयर लाल थे, सिर्फ 261 हरे और 77 स्थिर रहे. बाजार की चौड़ाई पूरी तरह नकारात्मक दिख रही है.

गिफ्ट निफ्टी ने दिया नकारात्मक संकेत

गिफ्ट निफ्टी ने भी नकारात्मक शुरुआत का संकेत दिया. यह 403 अंक गिरकर 24,590 पर खुला, जबकि पिछला बंद स्तर 24,993 था. सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 3,296 करोड़ रुपये की बिकवाली की. घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 8,594 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा दिया, लेकिन वैश्विक दबाव के आगे यह कमजोर साबित हुआ. 

एशियाई बाजारों में भी लाल निशान

एशियाई शेयर बाजार अमेरिकी बाजार की गिरावट और तेल की कीमतों में उछाल से बुरी तरह प्रभावित हुए. जापान का निक्केई 2,450 अंक यानी 4.35 प्रतिशत टूटकर 53,829 पर आ गया. हांगकांग का हैंग सेंग 791 अंक गिरा, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 649 अंक नीचे रहा और शंघाई कंपोजिट 59 अंक यानी 1.43 प्रतिशत लुढ़का. पूरी दुनिया में निवेशक जोखिम से दूर भाग रहे हैं. 

कच्चे तेल की तेजी का बड़ा असर

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से कच्चा तेल 19 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है. इससे महंगाई की आशंका बढ़ गई है. भारतीय बाजार में ऊर्जा, धातु और परिवहन से जुड़े शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. निवेशक अब सुरक्षित निवेश की ओर मुड़ रहे हैं, जिससे बाजार में और गिरावट की आशंका बनी हुई है.