उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने घेराबंदी कर एक लाख रुपये के इनामी बदमाश असीम अली उर्फ विक्की को मुठभेड़ में मार गिराया. मारा गया आरोपी कानपुर के बिलौर थाना क्षेत्र के धुरैया गांव का रहने वाला था और लंबे समय से कई गंभीर मामलों में वांछित चल रहा था.
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक यह मुठभेड़ जगदीशपुर गांव के निकट हुई. पुलिस कार्रवाई के दौरान बदमाश को गोली लगी, जिसके बाद उसे तत्काल जिला चिकित्सालय ले जाया गया. वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, असीम अली वर्ष 2014 में जौनपुर जिले के शाहगंज थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज वारदात का मुख्य आरोपी था. उस घटना में बदमाशों ने एक परिवार को घर में बंधक बनाकर डकैती की थी. विरोध करने पर परिवार के सदस्यों पर धारदार हथियारों से हमला किया गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे. इस जघन्य अपराध के बाद से आरोपी फरार चल रहा था. उसकी गिरफ्तारी के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
जांच एजेंसियों के अनुसार, असीम अली अपने गैंग के साथ मिलकर घरों में घुसकर लोगों को बंधक बनाता था और डकैती की वारदातों को अंजाम देता था. यदि कोई विरोध करता, तो आरोपी हत्या करने से भी नहीं हिचकता था. उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में डकैती, हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े 21 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं.
पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सूची में सबसे वांछित अपराधियों में शामिल था. मुठभेड़ के बाद एसटीएफ ने घटनास्थल की तलाशी ली, जहां से 32 बोर की एक पिस्टल, 12 बोर की पौनिया, भारी मात्रा में कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई. पुलिस बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच कराने के साथ ही यह भी पता लगा रही है कि आरोपी के गैंग के अन्य सदस्य कहां सक्रिय हैं. अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से संगठित आपराधिक गिरोह के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है.