हरिद्वार: गंगा नगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं की सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल की गई है. हर की पौड़ी पर बुजुर्गों, दिव्यांगों और कमजोर स्वास्थ्य वाले श्रद्धालुओं के लिए हाइड्रोलिक चेयर की व्यवस्था शुरू की गई है. यह कदम सेवा भावना और धार्मिक संस्कृति के सुंदर मेल का प्रतीक बन गया है.
हर की पौड़ी पर रोजाना हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान करने और आरती देखने आते हैं. घाट पर सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में कई बुजुर्गों और दिव्यांगों को दिक्कत होती थी. अब हाइड्रोलिक चेयर की मदद से वे आसानी से घाट तक पहुंच सकेंगे. यह विशेष कुर्सी पानी के दबाव से ऊपर-नीचे होती है, जिससे किसी को भी ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती.
सेवा और संस्कृति का सुंदर संगम 🙏🕉️
— BJP Uttarakhand (@BJP4UK) July 7, 2026
विकास केवल नई इमारतें खड़ी करने का नाम नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्थाएं बनाने का भी नाम है, जो हर श्रद्धालु की आस्था और गरिमा का सम्मान करें। हरिद्वार के हर की पौड़ी पर बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए हाइड्रोलिक चेयर की व्यवस्था इसी सेवा भाव… pic.twitter.com/WfroihgUmP
यह व्यवस्था सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि संवेदनशीलता का भी उदाहरण है. प्रशासन का कहना है कि विकास केवल बड़े-बड़े निर्माण का नाम नहीं है. सच्चा विकास वही है जो हर व्यक्ति की आस्था का सम्मान करे और उसे सुगम बनाए. हर की पौड़ी पर यह सुविधा इसी सोच को साकार करती है.
बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के चेहरे पर अब खुशी साफ नजर आ रही है. एक बुजुर्ग ने बताया- 'पहले सीढ़ियां चढ़ने में बहुत तकलीफ होती थी. अब आसानी से गंगा मैया के पास आ पा रहे हैं. सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है.'
हरिद्वार केवल धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि सेवा की भूमि भी है. यहां की परंपरा रही है कि हर आने वाले यात्री को सम्मान और सुविधा मिले. हाइड्रोलिक चेयर की यह व्यवस्था उसी परंपरा को आगे बढ़ाती है. जब सेवा, संवेदनशीलता और संस्कृति एक साथ चलती है, तभी आस्था का हर कदम सार्थक और सुगम बनता है.
प्रशासन इस सुविधा को और विस्तार देने की योजना बना रहा है. भविष्य में और ज्यादा घाटों पर ऐसी व्यवस्थाएं करने पर विचार चल रहा है. साथ ही, साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा पर भी लगातार ध्यान दिया जा रहा है.
यह पहल न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए राहत है बल्कि पूरे देश में हरिद्वार की छवि को और निखार रही है. लोग अब और ज्यादा उत्साह के साथ हरिद्वार आ रहे हैं. खासकर वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग भक्त इस नई व्यवस्था से बेहद खुश हैं.