राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में 22 जून को कोचिंग और एनिमेशन सेंटर में लगी भीषण आग में 15 बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद शासन लगातार जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है.
जांच में सामने आई अनियमितताओं और लापरवाही के आधार पर अब पांच और इंजीनियरों तथा कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है. इस कार्रवाई के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के अभियंत्रण विभाग में हलचल तेज हो गई है.
अग्निकांड की जांच पूरी होने के बाद एलडीए ने 18 अधिकारियों और इंजीनियरों की सूची शासन को भेजी थी. इसी रिपोर्ट के आधार पर चरणबद्ध कार्रवाई की जा रही है. इससे पहले दो इंजीनियरों को निलंबित किया जा चुका था, जबकि अब पांच और अधिकारियों पर गाज गिरी है.
शासन के निर्देश पर एलडीए के सहायक अभियंता संजय शुक्ला, अधीक्षण अभियंता आनंद मिश्रा, अधिशासी अभियंता शिवेंद्र शुक्ला और अवर अभियंता हेमंत कुमार को निलंबित किया गया है. इसके अलावा एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सुपरवाइजर के रूप में तैनात बेलदार हरपाल के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की है.
सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट में पांच जोनल अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शासन इस सूची में शामिल अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकता है. विभागीय स्तर पर इसे लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है. अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित जिस इमारत में यह दर्दनाक हादसा हुआ था, उसके खिलाफ ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है. भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ला फिलहाल न्यायिक हिरासत में जिला कारागार में बंद हैं.
एलडीए ने जेल अधीक्षक के माध्यम से उन्हें ध्वस्तीकरण संबंधी कारण बताओ नोटिस तामील कराया है. जानकारी के अनुसार भवन स्वामी ने नोटिस प्राप्त करने के बाद उस पर हस्ताक्षर भी किए हैं, जिससे कानूनी प्रक्रिया पूरी हो गई है. एलडीए अधिकारियों का कहना है कि नोटिस की वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब भवन को ध्वस्त करने संबंधी आदेश जारी करने में कोई बड़ी कानूनी बाधा नहीं रहेगी. निर्धारित समयसीमा पूरी होने के बाद प्राधिकरण अगली कार्रवाई करेगा.